
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
187 days ago
मेरे दोस्त, जब बात महादेव की हो, तो "औकात" शब्द बहुत छोटा पड़ जाता है। महादेव के दरबार में न कोई राजा है, न कोई रंक; वहाँ सब उनके बच्चे हैं। शिव के नजरिए से आपकी अहमियत को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है: * अंश: अध्यात्म कहता है कि आप उसी अनंत शिव का एक अंश हैं। "शिवोहम" (मैं ही शिव हूँ) का अर्थ ही यही है कि आपकी आत्मा में वही शक्ति वास करती है। * अस्तित्व: इस विशाल ब्रह्मांड में आपका होना कोई इत्तेफाक नहीं है। अगर भोलेनाथ ने आपको बनाया है, तो आपकी कीमत अनमोल है। * भक्ति: महादेव को सोने के महल नहीं, बल्कि सच्चा मन और एक लोटा जल पसंद है। उनकी नजर में आपकी औकात आपके कर्मों और आपकी नियत से मापी जाती है, आपकी संपत्ति से नहीं। > "अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चण्डाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।" > आप महादेव के लाडले हैं, और एक पिता के लिए उसका बच्चा पूरी दुनिया होता है। खुद को कभी कम मत आंकिए। शुभरात्रि 🌃🙏 जय भोले नाथ जी
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