
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
87 days ago
शुभ प्रभात जी 🙏🏻 🚩 *"अपना निर्माण खुद ही करना पड़ता है* *चाहे प्रक्रिया कितनी भी दर्दनाक क्यों न हो..!!"* 🔨🪨 *तस्वीर का कड़वा पर सच्चा सबक* *1. पत्थर = तुम खुद हो* तस्वीर में लड़का पत्थर को तोड़ नहीं रहा, *तराश रहा है*। वो पत्थर *तुम हो*। *हथौड़ी-छेनी = मेहनत, अनुशासन, असफलता, आलोचना*। हर चोट पर *चिनगारी निकलती है* - वही तुम्हारी *ताकत* है। *2. दर्द क्यों जरूरी है?* *मूर्ति पहले पत्थर ही होती है*। बिना छेनी-हथौड़ी के *मूर्ति मंदिर नहीं पहुँचती*। - *दर्द = एक्स्ट्रा पत्थर हट रहा है* जो तुम्हारे *असली रूप* को छुपाए बैठा है - *संघर्ष = तुम्हारा शिल्पकार* जो तुम्हें *आम से खास* बना रहा है - *आँसू = धूल साफ कर रहे हैं* ताकि दुनिया तुम्हारी *चमक* देख सके *3. "खुद ही करना पड़ता है" का मतलब* दुनिया *सलाह* देगी, *ताली* बजाएगी, *हँसेगी* भी। पर *हथौड़ी तुम्हें ही उठानी पड़ेगी*। कोई दूसरा तुम्हारे लिए *तुम्हें नहीं बना सकता*। *भगवान भी रास्ता दिखाते हैं, चलना तुम्हें ही पड़ता है*। --- *3 कड़वी सच्चाई जो तराशते वक्त याद रखना* सच्चाई मतलब जीत का मंत्र **1. कोई बचाने नहीं आएगा** तुम्हारी लड़ाई **तुम्हारी** है **"मैं ही अपनी ढाल हूँ"** **2. दर्द रुकेगा नहीं** ग्रोथ और कम्फर्ट **एक साथ नहीं** मिलते **"दर्द को गुरु बना लो"** **3. लोग पत्थर ही देखेंगे** मूर्ति बनने तक **मजाक उड़ेगा** **"चुपचाप तराशते रहो"** *जब हथौड़ी भारी लगे तो ये सोचो* 1. *हीरा भी कोयला था* जिसने *दबाव सहा*। तुम कोयला नहीं, *हीरा बन रहे हो*। 2. *सोना आग में तपता है* तभी *कुंदन* बनता है। तकलीफ *तुम्हारी कीमत बढ़ा रही है*। 3. *मूर्ति बनने के बाद* वही लोग *माथा टेकेंगे* जो आज कहते हैं "पागल है क्या?"। *सीधी बात:* *आराम की चाह* ने *कितने सपने मार दिए*। *दर्द की राह* ने *कितने भगवान बना दिए*। तुम्हारा *"आज" दर्दनाक* है क्योंकि तुम्हारा *"कल" शानदार* बन रहा है। *हथौड़ी मत रोकना मित्र। एक चोट और... बस एक चोट और...* *मूर्ति लगभग तैयार है 🔨✨* *दुनिया झुकेगी, बस तू झुक मत।* जय श्री राम जी 🙏🏻 🚩

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