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" *इस दुष्ट ब्राह्मण की चोटी पकड़ कर सभा से बाहर कर दो "। यही कहा था मगध नरेश घनानंद ने ।* चन्द्रगुप्त तैयार होते हैं, समय लगता है चन्द्रगुप्त को बनने में । १० वर्ष, १५ वर्ष या सकता है २५ वर्ष लग जाएं । अमात्य राक्षस जो मगध के हितैषी थे वो भी कुछ नहीं कर पाए, देखते रहे वो नन्द वंश का पतन अपनी आँखों के सामने । नन्द वंश का पतन हुआ और एक आदर्श राज्य मौर्या वंश अस्तित्व में आया , यही कालचक्र है । किसी का पराभव होगा तो किसी का उद्भव होगा । सत्ता जब भ्रष्ट (आचार, विचार से) हो जाती है, नौकरशाही जब निरंकुश और असंवेदनशील हो जाती है तो UGC बिल, ब्राह्मण वेदपाठियों को चोटी पकड़ कर घसीटने जैसे कार्य होने लगते है। तब वो लोग बुरे लगने लगते हैं जो आप पर, आपकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाते हैं । प्रश्नों में आप समर्थन और विरोध ढूंढ़ने लगते हैं । वो प्रश्न जो आपको (समाज को ) चेताने के लिए उठाये जाते हैं उनमें आपको षड़यंत्र की बू आने लगती हैं। मगध में भी सत्ता परिवर्तन कोई एक या दो वर्षों में नहीं हो गया था, समय लगा उसमें ।

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Feb 9, 2026

हर हर महादेव 🔥💥