
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
282 days ago
📿✨ इसी गीत पर आज हिन्दुस्तान रो पड़ेगा… हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की… 🙏🚩 हम कथा सुनाते #राम सकल #गुणधाम की, ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की… 🌺 जम्बुद्वीपे, भरत खंडे, आर्यावर्ते, भारतवर्षे— इक नगरी है विख्यात अयोध्या नाम की 🏹 यही जन्मभूमि है परम पूज्य प्रभु श्री राम की। 🌼 रघुकुल के राजा धर्मात्मा चक्रवर्ती दशरथ यज्ञ करवाते हैं… और जन्म लेते हैं रघुकुल के चार दीपक— भरत, शत्रुघ्न, लक्ष्मण और राम… ✨ गुरु वशिष्ठ का गुरुकुल, विश्वामित्र संग ताड़का वध, अहिल्या उद्धार… और फिर जनकपुर का भव्य उत्सव 🎉 जहाँ सहज भाव से शिव धनुष टूटता है, और सिया-राम का मिलन होता है 💐❤️ 🌸 जनकपुर उत्सव है भारी… जो तोड़े शिव धनुष कठोर— वही सीता पति होई। फिर बनवास, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन, रावण मरण, अयोध्या लौटकर रामराज्य की स्थापना— सभी प्रसंग लव–कुश अपने मृदु स्वर में सुनाते हैं 🎶 लेकिन… ⛅ कालचक्र घूमता है… और एक दिन ऐसा भी आया… निष्कलंक सीता पर मिथ्या आरोप लगे। अवध की प्रजा मौन रही… और चल दी सिया— बाँध तोड़कर, नेह छोड़कर। पाषाण हृदयों में विद्रोह न जागा। न कोई रघुकुल, न कोई सहायक। सिर्फ वन का एक महातपस्वी— ऋषि वाल्मीकि जिन्होंने सिया को आश्रय दिया 🙏🌿 🌺 वन में महारानी सीता की करुण झांकी राजमहल की रानी… दशरथ कुल की बहू… रघुवीर की अर्धांगिनी… और आज— 🌾 स्वयं लकड़ी काटती हैं, 🌾 स्वयं धान कूटती हैं, 🌾 स्वयं चक्की पीसती हैं, 🌾 अपने बच्चों को स्वावलंबन का पाठ पढ़ाती हैं। फूल उठाना भी जिनके लिए भारी था, वह सुकुमारी दुखों का बोझ ढो रही है… आँखों में नीर भरे— पर नीर को बहने नहीं देती 💧💔 ऐसी कर्मयोगिनी, धर्मप्रवीणा, समर्पित सिया— दुःख सहकर भी स्वाभिमान नहीं छोड़तीं। और फिर… उनकी गोद में जन्मे दो कुलदीपक— लव–कुश 🌟👦👦 जो आज रामकथा राम के आगे गाते हैं— "उस दुखिया के राज दुलारे, हम ही सुत श्री राम तिहारे…" 🌺 सादर — जय श्री राम, जय सियाराम 🙏🚩

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