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31.1.2026 जीवन में अनेक बार परिस्थितियां सही गलत होती रहती हैं। *"सही का मतलब अनुकूल, और गलत का मतलब प्रतिकूल।"* जब जीवन में परिस्थितियां प्रतिकूल होती हैं, तो व्यक्ति चाहता है, कि *"किसी योग्य व्यक्ति का सहयोग मिल जाए। उस समय पर यदि किसी योग्य व्यक्ति का सहयोग उसे मिल जाए, तो उसकी परिस्थितियां शीघ्र ही अनुकूल हो जाती हैं।"* *"और यदि सही समय पर उसे वह सहयोग न मिल पाए, तो परिस्थितियां प्रतिकूल ही रहती हैं, जिसका परिणाम होता है, कि उसके जीवन में परेशानियां बढ़ती जाती हैं, और उसे शांति नहीं मिल पाती।"* *"इसलिए अपने जीवन में दो-चार व्यक्ति ऐसे योग्य समर्थ अपने परिचय में बना कर रखें, जो सही समय पर आपको सही प्रकार का सहयोग दे दें। और आपकी परिस्थितियां अनुकूल या सही हो जावें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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