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*जहां प्रेम होता हैं* *वही सागर बहता है* *प्रभू भी वहीं बसते हैं और ..* *वहां रिश्ते भी अपने आप ही बन जाते हैं* *ये प्रेम ही तो है जो..* *हम आपको रोज याद करते हैं* *क्योंकि मनुष्य के जीवन में* *प्रेम ईश्वरीय देन है* *अतः, प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं* ‌🌹 * शुभ सन्धेया वंदन जी * 🌹 *🙏जय श्री कृष्ण*🙏

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