
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
197 days ago
वाह! बहुत ही सुंदर और भावुक पंक्तियाँ हैं। यह पंक्तियाँ अक्सर भगवान कृष्ण (सांवरे सरकार) की सुंदरता और उनके मनमोहक रूप के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती हैं। भक्त जब अपने आराध्य को इतने सुंदर श्रृंगार में देखता है, तो सहज ही उसके मन से ये शब्द निकलते हैं कि उन्हें किसी की नजर न लग जाए। इस भाव का सार: * अगाध प्रेम: यहाँ 'नजर उतारना' केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्त का अपने भगवान के प्रति ममतामयी प्रेम है। * समर्पण: सांवरे के मुखड़े की चमक और उनके श्रृंगार की दिव्यता देखकर दुनिया की हर चीज़ फीकी लगने लगती है। जय श्री कृष्णा जी 🙏
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