
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
99 days ago
*🌹यमलोक में श्याम और शबल नाम के दो खूंखार कुत्ते, पापी आत्माओं को देते हैं यातनाएं🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕अगर किसी ने जन्म लिया है तो उसकी मौत निश्चित है. जन्म और मरण के बीच वह किस तरह के कर्म करता है इसके आधार पर उसे फल मिलते हैं. जिस समय इंसान की मृत्यु होती है और वह यमलोक की यात्रा करता है उसको लेकर गरुण पुराण में विधिवत बताया गया है.* *गुरुण पुराण में भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच का संवाद है. गरुण भगवान से पूछते हैं कि मृत्यु के बाद आत्मा को किस तरह के भोग भोगने पड़ते हैं ?* *भगवान विष्णु कहते है कि यमलोक की यात्रा के दौरान, श्याम और शबल नाम के दो खूंखार कुत्ते यमपुरी के मुख्य द्वार की रखवाली करते हैं. वे केवल पापी आत्माओं को डराते हैं. धर्म, दया और सत्य के मार्ग पर चलने वाली आत्माएं शांतिपूर्वक यमलोक में प्रवेश करती हैं क्योंकि वहां न्याय केवल कर्म के आधार पर होता है. चाहे उनका पद, सामाजिक स्थिति या ओहदा कुछ भी हो.* *व्यक्ति के कर्मों के आधार पर, आत्मा पशु, पक्षी, वृक्ष या अन्य सजीव प्राणियों सहित 84 लाख योनियों में जन्म ले सकती है. मनुष्य का जन्म अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और यह केवल पिछले जन्मों के फलस्वरूप ही प्राप्त होता है. एक दृष्टांत सुनाते हुए भगवान विष्णु समझाते हैं कि “ऋषि वशिष्ठ अपने शिष्यों को शिक्षा देते हैं कि यह भौतिक शरीर एक वस्त्र के समान है, जिसे आत्मा धारण करती है और नियत समय आने पर वह इसे त्याग देती है. आत्मा का यह चक्र जन्म और मृत्यु के रूप में चलता रहता है. इस चक्र से मुक्ति केवल भक्ति, ज्ञान और अच्छे कर्मों से ही प्राप्त होती है. मृत्यु के समय, ओम का जाप, पवित्र गंगाजल और तुलसी के पत्ते अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि ये तत्व दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करते हैं और उसे देवी के मार्ग पर ले जाते हैं.”* *⚜️पुरुषों और महिलाओं के लिए कर्मों का फल* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जो स्त्री धर्म की समझ रखते हुए अपने परिवार की सेवा करती है, वह स्वर्ग प्राप्त करती है. जो पुरुष अपनी पत्नी, परिवार और बच्चों का आदर करता है, वह पितृलोक प्राप्त करता है. इसके विपरीत, जो व्यक्ति परिवार में कलह और द्वेष फैलाता है, वह घोर नरक में जाता है, जहां उसे दीर्घकाल तक कष्ट भोगना पड़ता है. *⚜️अंत्येष्टि का महत्व* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 मृत्यु के बाद दस दिनों तक किया जाने वाला पिंडदान का अनुष्ठान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है; इसके माध्यम से आत्मा को एक सूक्ष्म शरीर प्राप्त होता है, जिसके द्वारा वह यमलोक की यात्रा कर सकती है. यदि श्राद्ध और तर्पण विधिपूर्वक न किए जाएं, तो आत्मा प्रेतलोक में भटकती रहती है. इस दौरान आत्मा को मानसिक पीड़ा भोगनी पड़ती है इसलिए तर्पण करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है. *⚜️गरुण पुराण सुनने का फल* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 भगवान विष्णु गरुड़ से कहते हैं कि जो कोई भी श्रद्धापूर्वक गरुड़ पुराण सुनता या पढ़ता है, उसके सभी पाप नाश हो जाते हैं. अंततः, ऐसा व्यक्ति भगवान विष्णु के स्वर्गलोक वैकुंठ धाम को प्राप्त करता है. यह ज्ञान केवल लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें धर्म और सत्य के मार्ग पर मार्गदर्शन करने के लिए दिया गया है. *⚜️आत्मा धारण करती है सूक्ष्म शरीर* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 किसी मनुष्य की मृत्यु के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर धारण करती है, जिसे भूख और प्यास का अनुभव होता है. यमदूत इस आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार आगे ले जाते हैं और उसे अपने परिवार द्वारा किए गए कर्मों का फल प्राप्त होता है. यही कारण है कि मृत्यु के बाद दान और सद्गुणों का महत्व बहुत बढ़ जाता है. *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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