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यह बात सुनने में जितनी अजीब लगती है, उतनी ही सच भी है! असल में, हम सभी एक बहुत ही तेज़ "कॉस्मिक रोलरकोस्टर" पर सवार हैं और हमें इसका अहसास तक नहीं होता। यहाँ इसका वैज्ञानिक कारण दिया गया है: 1. पृथ्वी की घूर्णन गति (Rotation Speed) पृथ्वी अपनी धुरी पर लगातार घूम रही है। भूमध्य रेखा (Equator) पर पृथ्वी की परिधि लगभग 40,075 किलोमीटर है। चूंकि पृथ्वी एक चक्कर 24 घंटे में पूरा करती है, तो इसकी गति लगभग 1,670 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। 2. हमें महसूस क्यों नहीं होता? अगर आप किसी उड़ते हुए हवाई जहाज़ में बैठे हों जो 900 किमी/घंटा की स्थिर गति से चल रहा है, तो आपको अपनी गति महसूस नहीं होती जब तक कि विमान मुड़े या उसकी गति कम-ज्यादा न हो। * स्थिर गति: पृथ्वी की घूमने की गति स्थिर है। * वातावरण: हमारे आस-पास की हवा और वातावरण भी उसी गति से घूम रहे हैं। * गुरुत्वाकर्षण: पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण हमें मजबूती से सतह पर टिकाए रखता है। 3. स्थान के हिसाब से गति बदलती है दिलचस्प बात यह है कि हर कोई 1600 किमी/घंटा की रफ़्तार से नहीं घूम रहा: * भूमध्य रेखा पर: ~1,670 किमी/घंटा (सबसे तेज़)। * ध्रुवों पर (North/South Pole): यहाँ आपकी गति लगभग शून्य हो जाती है क्योंकि आप बस अपनी जगह पर एक घेरा बना रहे होते हैं। > एक और मज़ेदार तथ्य: अगर आप पृथ्वी के घूमने की गति के साथ-साथ सूर्य के चारों ओर उसकी कक्षा (Orbit) की गति को भी जोड़ लें, तो आप असल में अंतरिक्ष में लगभग 1,07,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से सफ़र कर रहे हैं! >

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