
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
181 days ago
जय माता दी 🙏💫 वैष्णो देवी धाम में पिण्डी स्वरूप में विराजमान माता महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का दर्शन और उनकी आरती का सौभाग्य मिलना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। इस पावन वातावरण और विधि का वर्णन ज़रूर कर सकता हूँ जो आज (3 मार्च 2026) कटरा के पवित्र भवन में हो रही होगी: आरती का दिव्य स्वरूप * समय: माता की मुख्य आरती दिन में दो बार होती है—एक सूर्योदय के समय और दूसरी सूर्यास्त के समय। * विधि: पुजारी जी द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ तीनों पिण्डियों का अभिषेक किया जाता है। इसके बाद माता को दिव्य वस्त्रों और आभूषणों से सजाया जाता है। * वातावरण: शंख की ध्वनि, नगाड़ों की गूँज और 'जय माता दी' के जयकारों से पूरी गुफा और भवन परिसर भक्तिमय रहता है। दर्शन की मुख्य बातें माता के इस स्वरूप में कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि तीन संरचनाएं (पिण्डियां) हैं: * महाकाली: दाईं ओर (शक्ति और संहार का प्रतीक)। * महालक्ष्मी: मध्य में (समृद्धि और वैभव का प्रतीक)। * महासरस्वती: बाईं ओर (ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक)। > "प्रेम से बोलो, जय माता दी! सारे बोलो, जय माता दी!" >
Comments (1)

Rama Devi Sahu
Mar 2, 2026
🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏
