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*🌞सुप्रभातम🌞* *जय सूर्य देव 🙏🏻 *🇮🇳भारत माता की जय🇮🇳* दिनांक ०१ मार्च २०२६ दिन रविवार विक्रमी संवत २०८२ शक संवत १९४७ सूर्य उत्तरायण दक्षिणगोल बसन्त ऋतु फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष त्रियोदशी तिथि १९:१० तक फिर चतुर्दशी तिथि पुष्य नक्षत्र ०८:३५ तक फिर आश्लेषा नक्षत्र शोभन योग १४:३३ तक फिर अतिगण्ड योग कर्क राशि में चन्द्रमा *आज का सुविचार* *जो खुश नहीं होना चाहते उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं उन्हें कोई खुश रहने से नहीं रोक सकता।* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *होलिका दहन प्रदक्षिणा - शक्तिशाली ऊर्जा-कवच का निर्माण* *चंद्र ग्रहण के विशेष उपाय* *(Protection Shield Through Holika Parikrama)* होलिका दहन की अग्नि के चारों ओर श्रद्धा से की गई प्रदक्षिणा (परिक्रमा) व्यक्ति और परिवार के चारों ओर एक अदृश्य ऊर्जा-कवच बनाती है, जो पूरे वर्ष नकारात्मक शक्तियों, ग्रह-बाधाओं और दुर्भाग्य से रक्षा करता है। *ऊर्जा-कवच कैसे बनता है?= How is an energy shield formed?* *अग्नि से शुद्धिकरण - Purification through Sacred Fire* होलिका की अग्नि: • नकारात्मक ऊर्जा • मानसिक तनाव • दोष व बाधाएँ को भस्म कर देती है। परिक्रमा करने से यह शुद्ध ऊर्जा आपके चारों ओर फैल जाती है। *सूर्य-तत्व की सक्रियता= Activation of Solar Energy* घड़ी की दिशा में परिक्रमा करने से: सूर्य ऊर्जा जागृत होती है आत्मबल बढ़ता है भाग्य मजबूत होता है यही ऊर्जा सुरक्षा-वृत्त बनाती है। *आभामंडल (Aura) की रक्षा* परिक्रमा के दौरान: • आपकी आभा शुद्ध होती है • चारों ओर सकारात्मक घेरा बनता है • नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं इसे ही ऊर्जा-कवच - Energy shield कहा जाता है। *पारिवारिक सामूहिक सुरक्षा - Collective Family Energy* जब पूरा परिवार साथ परिक्रमा करता है, तो: सामूहिक शक्ति उत्पन्न होती है घर में कलह कम होती है प्रेम और समझ बढ़ती है इससे पूरे परिवार पर सुरक्षा-वृत्त बनता है। *विधि*: ऊर्जा-कवच निर्माण की सही प्रक्रिया - Correct Ritual Method *संकल्प लें होलिका के सामने हाथ जोड़कर कहें*: “हमारे परिवार की रक्षा, शांति और समृद्धि हेतु यह परिक्रमा करता/करती हूँ।” *सही दिशा* हमेशा दाईं ओर से (Clockwise) परिक्रमा करें। *परिक्रमा की संख्या* उद्देश्य संख्या सामान्य सुरक्षा 3 बार ग्रह-दोष शांति 5 बार विशेष संकट 7 बार *मंत्र जप (चलते हुए) मन ही मन जप करें*: *ॐ नमः शिवाय रक्षा कवचाय नमः* या *ॐ सर्व विघ्न विनाशाय स्वाहा* *अर्पण- Offerings to Fire* अंत में तिल / गुड़ / नारियल अग्नि में डालें और कहें: “सभी बाधाएँ भस्म हों।” *रक्षा-चक्र पूर्ण करें* होलिका को प्रणाम करें और सिर पर हाथ लगाएँ। इससे ऊर्जा-कवच सक्रिय हो जाता है। *विशेष शक्तिशाली उपाय* *रक्षा-सूत्र परिक्रमा के बाद लाल मौली बाँधें* पुरुष: दायाँ हाथ स्त्री: बायाँ हाथ *राख तिलक* अगले दिन होलिका की थोड़ी राख: • माथे पर • मुख्य द्वार पर लगाएँ → नजर दोष से रक्षाबन्धन

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