
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
126 days ago
चीन में मुर्गियों के पालन के कई अनोखे और आधुनिक तरीके अपनाए जा रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर 'रींगन टी' (Ringan T) जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। चीन में जिस "खास तरह" की खेती की आप बात कर रहे हैं, उसमें मुख्य रूप से ये चीजें देखी जा रही हैं: ### 1. पहाड़ी इलाकों में "फ्री-रेंज" फार्मिंग चीन के ग्रामीण इलाकों में मुर्गियों को ऊंचे पहाड़ों और जंगलों में खुला छोड़ दिया जाता है। ये मुर्गियाँ प्राकृतिक रूप से घास और कीड़े खाती हैं, जिससे इनका मांस अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक माना जाता है। इन्हें बुलाने के लिए किसान एक खास तरह की **घंटी या थाली** (Metal basin) बजाते हैं, जिसे सुनकर हजारों मुर्गियाँ एक साथ उड़कर या दौड़कर आती हैं। ### 2. "रींगन टी" (Ringan T) और वायरल वीडियो सोशल मीडिया (जैसे YouTube और Facebook) पर 'Ringan T' या इसी तरह के चैनल्स अक्सर चीन के इन आधुनिक फार्म्स के वीडियो दिखाते हैं। इनमें दिखाया जाता है कि: * **टायर और मचान:** मुर्गियों के अंडे देने के लिए पुराने टायरों का उपयोग किया जाता है। * **सीढ़ीदार घर:** मुर्गियों के बैठने के लिए पहाड़ों पर कई स्तरों (Levels) वाले ऊंचे मचान बनाए जाते हैं। * **पेड़ों पर बसेरा:** कुछ खास नस्ल की मुर्गियाँ पेड़ों पर रात बिताती हैं, जिससे वे जंगली जानवरों से सुरक्षित रहती हैं। ### 3. आधुनिक तकनीक (AI और ऑटोमेशन) चीन अब बड़े पैमाने पर **स्मार्ट पोल्ट्री फार्म्स** का उपयोग कर रहा है जहाँ: * मुर्गियों की सेहत पर नज़र रखने के लिए **फेस रिकग्निशन (Face Recognition)** और सेंसर का इस्तेमाल होता है। * खाना खिलाने और अंडे इकट्ठा करने का काम पूरी तरह ऑटोमैटिक मशीनों द्वारा किया जाता है। ### 4. गिनी फाउल (चीनी मुर्गी) भारत में भी "चीनी मुर्गी" या 'गिनी फाउल' का चलन बढ़ रहा है। ये मुर्गियाँ दिखने में तीतर जैसी होती हैं और इनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें पालना काफी फायदेमंद माना जाता है।
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