
Rama Devi Sahu
58 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 03 जुलाई 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वर्षा* *⛅मास - आषाढ़* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - तृतीया सुबह 11:20 तक तत्पश्चात् चतुर्थी* *⛅नक्षत्र - श्रवण सुबह 11:46 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा* *⛅योग - विष्कम्भ शाम 05:00 तक तत्पश्चात् प्रीति* *⛅राहुकाल - सुबह 10:50 से दोपहर 12:31 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:45* *⛅सूर्यास्त - 07:17 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:22 से प्रातः 05:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:04 से दोपहर 12:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:10 से मध्यरात्रि 12:52 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️ व्रत पर्व विवरण - कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी, सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 05:45 से सुबह 11:46 तक)* *🌥️ विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🌿 शालभंजनकोपदेशो 3, सर्ग 252 📜* *🔴 हे राम🙏 ! स्मृति-संस्कार जगत्🌍 का कारण⚙️ तब हो, जब कुछ जगत् आगे हुआ हो। सो तो कुछ हुआ नहीं। और अनुभव👁️ उसका होता है, जो पदार्थ भासित होता है। सो इस जगत् के आदि में कुछ जगत् का अंश न था, फिर अनुभव कैसे कहूँ ? जो अनुभव ही न हुआ तो स्मृति🧠 किसको हो और जब स्मृति ही न हुई तो फिर उससे जगत् कैसे कहूँ ?* *🔴 इसलिए हे राम ! आदि-जगत्🌱 अकारण अकस्मात्⚡ उपजा है। जैसे रत्न💎 की चमक🌟 होती है, वैसे ही जगत् है। यह पीछे से कारण-कार्य रूप भासित✨ होता है।* *🔴 इससे हे राम ! जिसका कारण कोई न हो, उसे जानिये कि उपजा नहीं। वह जिसमें दिखता है, वही रूप है। अधिष्ठान से भिन्न कुछ नहीं। सब जगत् ब्रह्मस्वरूप🕉️ है। स्मृति भी भ्रम🌀 में आभास🪞 जगा है और अनुभव भी आभास है। सो ब्रह्म से भिन्न कुछ नहीं। और आभास भी कुछ उपजा नहीं, आभास की नाईं जगत् दिखता है-आत्मसत्ता☀️ अद्वैत🕊️ है, जिसमें आभास, स्मृति, अनुभव, जाग्रत्🌅 और स्वप्न💭 की कल्पना कुछ नहीं तो क्या है ?* *🔴 ब्रह्म ही है। फुरना जिसे कहते हैं, वह कुछ वस्तु नहीं है। जैसे खम्भे🏛️ में शिल्पी🎨 पुतलियों🎎 की कल्पना💭 करता है, वैसे ही स्पन्दन चैतन्य🔆 आत्मा में जगत् की कल्पना करता है। शिल्पी तो आप भिन्न होकर कल्पना करता है और यह चित्तसत्ता🧘♂️ ऐसी है कि अपने ही स्वरूप में कल्पना करती है और जगत्रूपी पुतलियाँ देखती है।* *🔴 आत्मा🌟 आकाशरूपी☁️ खंभा है, उसमें जगत् भी आकाशरूपी पुतलियाँ हैं। जैसे आकाश अपने आकाशभाव में स्थित है, वैसे ही ब्रह्म अपने ब्रह्मभाव में स्थित हैं। जगत् भिन्न भी दिखता है परन्तु अद्वैत्य चिन्मात्रस्वरूप✨ है, भेदभाव को नहीं प्राप्त हुआ। और विकारवान् भी दिखता है, परन्तु विकार🌀 नहीं हुआ। जैसे स्वप्न में जीव🌱 आप ही सब स्पष्ट दिखते हैं, वैसे ही यह जगत् अपने आपमें दिखता है, परन्तु कुछ नहीं है।* *🔴 हे राम ! यही आश्चर्य😲 है कि मैंने अपने अनुभव को प्रकट करके उपदेश📜 किया है; जीव आप भी जानते हैं, स्वप्न में नित्य देखते👀 हैं और सुनते👂 भी हैं, परन्तु निश्चय🎯 करके जान नहीं सकते और स्वप्न के पदार्थों को मूर्खता🤦♂️ से त्याग🍂 नहीं सकते।* *🔴 इति श्रीयोगवाशिष्टे निर्वाणप्रकरणे शालभजनकोपदेशो नाम द्विशताधिकद्विपञ्चाशत्तमस्सर्गः ।। २५२ ।। 🌺* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*
Comments (8)

Rama Devi Sahu
Jul 3, 2026
चित्र तो रंगों से बनते हैं, पर सुंदरता भावों से आती है। जहाँ श्याम का नाम जुड़ जाए, वहाँ साधारण सी रचना भी भक्ति का उत्सव बन जाती है॥" श्री राधे कृष्णा 🙏 🌹 🌹हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 🌹 🌹हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🌹

Rama Devi Sahu
Jul 3, 2026
चित्र तो रंगों से बनते हैं, पर सुंदरता भावों से आती है। जहाँ श्याम का नाम जुड़ जाए, वहाँ साधारण सी रचना भी भक्ति का उत्सव बन जाती है॥" श्री राधे कृष्णा 🙏 🌹 🌹हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 🌹 🌹हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🌹

Rama Devi Sahu
Jul 3, 2026
चित्र तो रंगों से बनते हैं, पर सुंदरता भावों से आती है। जहाँ श्याम का नाम जुड़ जाए, वहाँ साधारण सी रचना भी भक्ति का उत्सव बन जाती है॥" श्री राधे कृष्णा 🙏 🌹 🌹हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 🌹 🌹हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🌹

Rama Devi Sahu
Jul 3, 2026
चित्र तो रंगों से बनते हैं, पर सुंदरता भावों से आती है। जहाँ श्याम का नाम जुड़ जाए, वहाँ साधारण सी रचना भी भक्ति का उत्सव बन जाती है॥" श्री राधे कृष्णा 🙏 🌹 🌹हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 🌹 🌹हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🌹

R k jangid phulera Jaipur
Jul 3, 2026
जय माता दी🙏 माता रानी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहे🙏

सविता
Jul 3, 2026
"बीती रात के साथ अंधेरा दूर हो गया है, एक नई सुबह आपके जीवन में खुशियाँ लेकर आई है। ईश्वर आपको हमेशा खुश और सेहतमंद रखे।" सुप्रभात! आपका दिन शुभ हो।

प्रेम कुमार
Jul 3, 2026
🌹🌹 जय माता दी 🌹 शुभ प्रभात वंदन बहना 🌹

