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ये एक सवाल का जवाब है जो हम सबके मन में आता है - *एक छोटी सी गोली खाते ही वो पूरे शरीर में जाकर दर्द को कैसे ढूंढ लेती है?* इसका सफर एक बहुत ही फिल्मी कहानी जैसा है, चलिए स्टेप बाय स्टेप समझते हैं जैसा वीडियो में दिखाया है: Step 1: निगलने से पेट तक का सफर जैसे ही आप गोली निगलते हो, वो खाने की नली से होते हुए पेट में पहुँचती है। पेट में मौजूद *एसिड और Enzymes* उस गोली के कवर को तोड़ना शुरू कर देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पानी में नमक घुल जाता है। वीडियो में आपने देखा होगा नीली गोली कैसे पिघल कर छोटे-छोटे कणों में टूट जाती है। Step 2: खून में मिलना - Mega Highway अब वो दवा छोटी आंत में जाती है। छोटी आंत की दीवार पर छोटे-छोटे उंगली जैसे बाल होते हैं, जिन्हें *Villi* कहते हैं। यही से दवा के कण खून में absorb हो जाते हैं। हमारे शरीर की नसें एक *Mega Highway Road* की तरह हैं, जहाँ खून 24 घंटे बहुत तेज दौड़ता है। वही खून अब दवा को लेकर पूरे शरीर के कोने-कोने में पहुँचा देता है। इसीलिए गोली पेट में खाई जाती है पर असर सिर के दर्द पर भी होता है। Step 3: दवा को पता कैसे चलता है काम कहाँ करना है? ये सबसे जादुई हिस्सा है। हर दवा का एक *Fixed Target* होता है। - एंटीबायोटिक दवा का टारगेट - बैक्टीरिया - दर्द की दवा का टारगेट - दर्द पैदा करने वाले केमिकल - सूजन की दवा का टारगेट - Inflammation हमारी हर कोशिका के ऊपर ताले जैसे *Receptors* लगे होते हैं। दवा की बनावट बिल्कुल चाबी जैसी होती है। वो पूरे शरीर में घूमती है और जैसे ही उसे अपने मतलब का ताला मिलता है, वो उसमें फिट हो जाती है और वहीं अपना काम शुरू कर देती है। जहाँ ताला नहीं मिलता, वहां वो कुछ नहीं करती। इसीलिए बुखार की गोली सिर्फ बुखार वाली जगह पर काम करती है। Step 4: गोली vs इंजेक्शन - तेज असर किसका? वीडियो में दूसरा हिस्सा इंजेक्शन का है। गोली को पेट में टूटना पड़ता है, फिर आंत से खून में जाना पड़ता है, इसमें 30-45 मिनट लग जाता है। इंजेक्शन सीधे मसल्स या सीधे खून में डाल दिया जाता है। उसे पेट वाला लंबा रास्ता पार नहीं करना पड़ता। इसीलिए वीडियो में दिखाया है कि इंजेक्शन की दवा तुरंत खून में फैल जाती है और *जल्दी Relief* देती है। Step 5: दवा का बाहर निकलना - Liver और Kidney का रोल दवा हमेशा शरीर में नहीं रहती। अपना काम करने के बाद: 1. *Liver (जिगर):* वो दवा को तोड़ कर Safe बना देता है, ताकि वो जहरीली न रहे। 2. *Kidney (गुर्दा):* फिर वो उसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। मतलब दवा आती है, अपना काम करती है और चुपचाप बाहर चली जाती है। *Bottom Line:* एक छोटी सी गोली के पीछे इतना बड़ा Science है - घुलना, दौड़ना, ताला-चाबी से जुड़ना और फिर बाहर निकलना। इसीलिए डॉक्टर कहते हैं दवा को सही समय पर और पूरे कोर्स तक खाना जरूरी है, ताकि वो अपना पूरा काम कर सके।

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