
SHREE SHARMA
358 days ago
यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकांजलिम् वाष्पवारिपरिपूर्णालोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम् ॥ जहाँ जहाँ श्रीराम की कीर्ति का गान होता है, वहाँ वहाँ भगवान हनुमान हाथों की जोड़कर खड़े रहते है। उनकी आंखें प्रेम के आँसूओं से पूरी भरी होती हैं, मैं उस राक्षसों का नाश करने वाले हनुमान जी को नमस्कार करता हूँ, जो मारुती नाम से जाने जाते हैं। जय सियाराम 🙏

Comments (1)

Rama Devi Sahu
Sep 6, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Jai Bajrangbali Hanuman 🙏 Subh Dopahar Jii 🌹🌹
