
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
102 days ago
20.5.2026 *"बहुत से लोग तब आलसी हो जाते हैं, जब उनकी जेब में खूब पैसे होते हैं।"* परंतु कुछ लोग तब भी पुरुषार्थी होते हैं। वे सोचते हैं, कि *"यदि हम आगे पुरुषार्थ बंद कर देंगे, तो जो आज हमारी जेब भरी है, कल वह खाली हो जाएगी।" "अपनी जेब भरी रहे,"* इसके लिए वे सदा पुरुषार्थी बने रहते हैं। जिनकी जेब खाली होती है, *"वह खाली जेब तो उनको सदा प्रेरित करती ही रहती है, कि पैसे कमाओ अन्यथा जीवन कैसे चलेगा?"* इसलिए आपकी खाली जेब आपको प्रेरित करती है, कि *"पुरुषार्थ करें, धन कमाएं, और जीवन की सुरक्षा करें।" "अपनी भरी जेब देखकर भी आलसी न बनें, तब भी पुरुषार्थ करते रहें, ताकि आपकी जेब सदा भरी रहे और खाली होने की समस्या न आए।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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