
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
196 days ago
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२७ 🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८२ ⛅ 🚩तिथि - त्रयोदशी शाम ०५:०४ तक तत्पश्चात् चतुर्दशी ⛅ दिनांक - १५ फरवरी २०२६ ⛅ दिन - रविवार ⛅ अयन - उत्तरायण ⛅ ऋतु - शिशिर ⛅ मास - फाल्गुन ⛅ पक्ष - कृष्ण ⛅ नक्षत्र - उत्तराषाढा शाम ०७:४८ तक तत्पश्चात् श्रवण ⛅ योग - व्यतीपात रात्रि ०२:४७ फरवरी १६ तक तत्पश्चात् वरीयान् ⛅ राहुकाल - शाम ०४:५७ से शाम ०६:२३ तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅ सूर्योदय - ०६:५९ ⛅ सूर्यास्त - ०६:२३ (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅ दिशा शूल - पश्चिम दिशा में ⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०५:१९ से प्रातः ०६:०९ तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:१८ से दोपहर ०१:०४ तक (उज्जैन मानक समयानुसार) ⛅ निशिता मुहूर्त - रात्रि १२:१६ फरवरी १६ से रात्रि ०१:०६ फरवरी १६ तक (उज्जैन मानक समयानुसार) 🌥️ व्रत पर्व विवरण - महाशिवरात्रि, सर्वार्थसिद्धि योग, व्यतीपात योग (प्रातः ०३:१८ से रात्रि ०२:४७ फरवरी १६ तक) 🌥️ विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४) 🔹 रविवार विशेष🔹 🔸 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) 🔸 रविवार के दिन आँवला, मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः ७५.९०) 🔸 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः ७५) 🔸 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती हैं। 🔸 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। 🔸 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना एवं पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध हैं। ▬▬๑⁂❋⁂๑▬▬ 🚩जय श्री राम🚩 🚩धर्मो रक्षति रक्षितः 🇮🇳हिन्दू राष्ट्र भारत

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