
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
26.9.2026 एक छोटे बच्चे ने अपने पिता से कहा, *"पिताजी! यह मनुष्य जीवन तो हमें एक ही बार मिला है। तो इसमें हम क्यों न नाचें गाएं खाएं पिएं और सब प्रकार से मजा करें? न कोई अगला जन्म है, न कोई पिछला जन्म है। यह सारा सुख भोगने का अवसर एक ही बार मिला है।"* उसके पिता ने समझाया, *"बेटा जन्म तो बार-बार मिलता है। यह मनुष्य जन्म भी मुफ्त में नहीं मिला। पिछले कर्मों का फल है। जो हमने पिछले जन्म में कर्म किए थे, यह जन्म उनका फल है। और इस जन्म में जो अब हम अच्छे काम करेंगे, सेवा परोपकार दान दया ईश्वरभक्ति देशभक्ति प्राणियों की रक्षा करना माता-पिता और गुरुजनों की सेवा करना यज्ञ संध्या उपासना आदि आदि शुभ कर्म करेंगे, इनका फल हमको अगले जन्म में मिलेगा। यही सत्य है।"* यदि ऐसा मानकर चलें, कि *"यह वर्तमान जन्म मुफ्त में मिला है", "तो ऐसा मुफ्त में फल देने वाला ईश्वर अन्यायकारी माना जाएगा।" "यदि वह मुफ्त में देता है, तो सबको एक समान देना चाहिए। किसी को ईश्वर ने मनुष्य जन्म दिया, किसी को पशु पक्षी, किसी को कीड़ा मकोड़ा, और किसी को वृक्ष आदि। इस तरह से तो ईश्वर अन्यायकारी माना जाएगा।"* *"परंतु वेदों शास्त्रों के अनुसार ईश्वर न्यायकारी है। वह सबको पिछले कर्मों के आधार पर यह जन्म देता है। और इस जन्म के कर्मों के आधार पर फिर आगे जन्म देगा। इसलिए पिछला जन्म भी था, और इसके बाद अगला जन्म भी होगा।" "ऐसा मानकर चलें, तो ही आप अच्छे काम करेंगे और बुरे कामों से बच पाएंगे।"* दूसरी बात यह है, कि *"जब भी हम रात को सोकर सुबह उठते हैं, तो वह एक नए जन्म के समान होता है। हमें अच्छे कर्म करने का एक नया अवसर मिलता है। हमें उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए, और दिनभर अच्छे काम ही करने चाहिएं।" "जब यह शरीर बूढ़ा हो जाएगा, तब अंत में मृत्यु होगी। वह तो जीवन में एक ही बार होती है, जबकि जन्म के तुल्य प्रातः जागरण बार-बार मिलता रहता है।"* *"अतः उसका लाभ उठाओ। यदि अभी लाभ नहीं उठाया, अर्थात अच्छे काम नहीं किये, तो फिर आप बुरे काम करेंगे। और फिर अगले जन्म में ईश्वर मनुष्य शरीर भी नहीं देगा। फिर पशु पक्षी योनियों में आपको दंड भोगना पड़ेगा।"* *"इसलिए इस जन्म में ऊपर बताए सेवा परोपकार आदि ईमानदारी पूर्वक अच्छे काम भी करो, और खाना पीना नाचना गाना आदि सांसारिक सुख भी भोगो।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (4)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 26, 2026
जय श्री कृष्णा जी

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 26, 2026
जय श्री कृष्णा जी शुभ दोपहर जी

Rama Devi Sahu
Sep 26, 2026
श्रीकृष्ण का संदेश माता-पिता का प्यार या बच्चों का भविष्य? 😔 | बच्चों को हर सुविधा देना जरूरी है, लेकिन उन्हें सही संस्कार और जिम्मेदारी सिखाना उससे भी ज्यादा जरूरी है। 🙏 सच्चा प्यार वही है, जो बच्चे को सही राह दिखाए। 🦚💙

Rama Devi Sahu
Sep 26, 2026
*अपेक्षा एक उपहार हैं..* *बोझ नहीं जब लोग आपसे कुछ उम्मीद करते हैं..* *तो इसका मतलब हैं..* *कि आपने उन्हें आप पर विश्वास करने का कारण दिया हैं..!!* *🌻आप स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें 🌻*
