
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
182 days ago
🛕꧁ जय द्वारकाधीश꧂🛕 नारद पुराण की एक और अत्यंत रोचक कथा भगवान विष्णु, नारद जी और श्रीकृष्ण के 'नारद कुंड' से जुड़ी है। यह कहानी भक्ति और भगवान के प्रति समर्पण के गहरे अर्थ को समझाती है। जब नारद जी ने मांगा 'गोपी भाव' नारद पुराण के अनुसार, एक बार देवर्षि नारद के मन में यह जानने की इच्छा हुई कि भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का रहस्य क्या है। उन्होंने देखा कि भगवान विष्णु, जो बैकुंठ में शांत रहते हैं, वही कृष्ण के रूप में वृंदावन में गोपियों के साथ प्रेम और नृत्य में मग्न रहते हैं। नारद जी ने भगवान विष्णु से पूछा, "प्रभु, वह 'गोपी भाव' क्या है जिसके वश में होकर आप स्वयं को भी भूल जाते हैं? क्या मैं भी उस आनंद का अनुभव कर सकता हूँ?" नारद जी का स्त्री रूप धारण करना भगवान विष्णु ने मुस्कुराते हुए कहा, "नारद, उस दिव्य प्रेम (लीला) का अनुभव करने के लिए तुम्हें अपना यह ऋषि रूप और अहंकार त्यागना होगा। तुम वृंदावन के 'कुसुम सरोवर' के पास स्थित एक विशेष कुंड में स्नान करो।" * कायाकल्प: जैसे ही नारद जी ने उस कुंड में डुबकी लगाई, वे एक अत्यंत सुंदर गोपी में बदल गए। उनका नाम 'नारदी गोपी' पड़ा। * दिव्य दर्शन: उस स्त्री रूप में, नारद जी को वृंदावन की गलियों में श्रीकृष्ण की लीलाओं का वह रस मिला जो उन्हें देवर्षि के रूप में कभी नहीं मिला था। अगर आपको कथा संग्रह की पोस्ट पसंद आती है तो आज ही सब्सक्राइब करें कथा संग्रह कृष्ण और नारद का मिलन कहा जाता है कि उस रूप में नारद जी ने कई वर्षों तक कृष्ण की सेवा की। अंत में, भगवान कृष्ण ने उन्हें दर्शन दिए और कहा, "नारद, अब तुम समझ गए होगे कि सच्चा भक्त वह है जो अपना सब कुछ (अपना पद, ज्ञान और पहचान) भूलकर केवल मुझमें लीन हो जाए।" इसके बाद नारद जी ने पुनः उसी कुंड में स्नान किया और अपना मूल रूप प्राप्त किया। आज भी मथुरा के पास वह स्थान 'नारद कुंड' के नाम से प्रसिद्ध है। . *🪷राधे.राधे.राधे.राधे.राधे.li 🪷* *🪷राधे.राधे.राधे.राधे.li 🪷* *🪷राधे.राधे.राधे.li 🪷*

Comments (3)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 21, 2026
बेहना जी 🙏

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 21, 2026
राधे राधे जय श्री कृष्णा जी बेहना 🙏

Riya Riya 💖💖
Mar 21, 2026
🙏🙏 Jai shree krishna radhe radhe 🙏🙏 shubh sandhya vandan bhaiya ji 🙏🙏
