
5/8/2025
गीत धरती माँ का वरदान ध्रुवपंक्ति कोरस हरियाली की ओढ़ चुनरिया, धरती माँ मुस्काए पंचतत्त्व के पावन पथ पर, जीवन गीत सुनाए --- अंतरा 1 हरी-भरी हो धरती अपनी, मिट्टी का भी हो पोषण जल वायु अग्नि, आकाश पावन, वर दें सुख का दोहन वृक्ष बने छाया के…
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