
2/9/2026
ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके गीता-साधक-संजीवनी ग्रन्थके आधारपर १. सांसारिक मोहके कारण ही मनुष्य 'मैं क्या करूँ और क्या नहीं करूँ'-इस दुविधामें फँसकर कर्तव्यच्युत हो जाता है अत मोह या सुखासक्तिके वशीभूत नहीं होना…
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