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Rama Devi Sahu

37 days ago

देवशयन से देवोत्थान: अब 4 महीने महादेव के हाथ में होगी दुनिया की कमान! हिंदू धर्मग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवोत्थान एकादशी) तक के चार महीनों को चातुर्मास कहा जाता है। इस अवधि में भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग पर गहरी निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव (महादेव) के हाथों में आ जाता है। 🌌 सृष्टि के संचालन का नियम * भगवान विष्णु का शयन: देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं। * महादेव को कमान: शयन पर जाने से पहले भगवान विष्णु ब्रह्मांड की रक्षा और संचालन का कार्यभार महादेव को सौंप देते हैं। * त्रिलोकीनाथ का पहरा: इन चार महीनों में महादेव ही पूरी सृष्टि के पालनकर्ता और संहारक दोनों की भूमिका निभाते हैं। 🗓️ चातुर्मास के प्रमुख त्योहार इस काल में महादेव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। इसी दौरान कई बड़े त्योहार आते हैं: * सावन का महीना: पूरी तरह से भगवान शिव की आराधना को समर्पित होता है। * भाद्रपद: गणेश उत्सव और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। * शारदीय नवरात्रि: मां दुर्गा की नौ रूपों में पूजा की जाती है। * दीपावली: कार्तिक मास में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन होता है। 🚫 मांगलिक कार्यों पर रोक * शुभ कार्य वर्जित: इन चार महीनों में विवाह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। * आध्यात्मिक समय: यह समय केवल व्रत, तप, साधना और आत्मशुद्धि के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। * जागृति का उत्सव: कार्तिक एकादशी को जब भगवान विष्णु जागते हैं, तो उसे देवउठनी एकादशी कहते हैं। इसके बाद से दोबारा सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। हर-हर महादेव! 🙏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 24, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏

My Mandir  good by

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Jul 24, 2026

jai Shri mhadev ji 🙏