
दिनेश त्रिपाठी
335 days ago
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ एकवेणी जपाकर्णपूरा नाग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ प्रेतसंस्था महामाये महाकालप्रणाशिनि। भक्तानामभयं देहि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥ 🙏🌸 शारदीय नवरात्रि के सप्तम दिवस की शुभकामनाएँ 🌸🙏 आज माँ कालरात्रि की उपासना का दिन है, जो अज्ञान, भय और शत्रुओं का नाश करने वाली हैं। माँ के आशीर्वाद से जीवन से सभी संकट दूर हों और साहस व शक्ति की प्राप्ति हो।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
