MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

184 days ago

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी या रंगभरी एकादशी कहते हैं, इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। आमलकी या रंगभरी एकादशी के पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, इस दिन को मनाने के कुछ अनूठे और रोचक पहलू निम्नलिखित हैं: - आंवले का महत्व: इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है और भगवान विष्णु को आंवला अर्पित करते हैं।। - पौराणिक कथा: माना जाता है कि भगवान शिव इस दिन माता पार्वती का गौना कराने के बाद काशी पहुंचे थे, और वहां उनके आगमन का उत्सव मनाया गया था। - रंगों का समावेश: इस दिन काशी में बाबा विश्वनाथ और माँ पार्वती को रंग अर्पित करने की परंपरा है, जो होली के आगमन की शुरुआत का प्रतीक है। - आमलकी एकादशी का व्रत पाप नाश, मोक्ष प्राप्ति और स्वास्थ्य लाभ देने वाला माना जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करने से सुख-समृद्धि और जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

Post media

Comments (4)

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Feb 27, 2026

जय श्री लक्ष्मी नारायण जी की🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Feb 27, 2026

🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Shukravar or Aamliki Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Feb 27, 2026

*Ghar me Bujurg hai na,tho Sabhi Parv pr kuch na kuch karte hai or hamko bhi isi Madhyam se Gyan Pradan krte hai... Sahi hai na...? Wo bachpan kitne Sundar hai...Aaj Yaad aa jati hai...!!!

u c srivastava

u c srivastava

Feb 27, 2026

मुझे याद है कि इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बड़ी अम्मा और दादी लोग खाना बनातीं थीं और हम बच्चे खेलते थे फिर वही खाना खाकर घर खाते हैं ।