MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

297 days ago

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 06 नवम्बर 2025* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - हेमंत* *⛅मास - मार्गशीर्ष* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - प्रतिपदा दोपहर 02:54 तक तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - कृत्तिका रात्रि 03:28 नवम्बर 07 तक तत्पश्चात् रोहिणी* *⛅योग - व्यतीपात‌ सुबह 07:05 तक, तत्पश्चात् वरीयान् रात्रि 02:41 नवम्बर 07 तक, तत्पश्चात् परिघ* *⛅राहुकाल - दोपहर 01:34 से दोपहर 02:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:35* *⛅सूर्यास्त - 05:46 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:52 से प्रातः 05:44 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:45 से रात्रि 12:36 नवम्बर 07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅️व्रत पर्व विवरण - मासिक कार्तिगाई* *🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹आयुर्वेद में वर्णित सद्वृत*🔹 *🔹आयुर्वेदीय ग्रंथ चरक संहिता में आचार्य चरकजी बताते हैं : “जो व्यक्ति स्वस्थवृत ( सद्वृत्ति आदि ) का विधिपूर्वक पालन करता है, वह १०० वर्ष की रोगरहित आयु से पृथक नहीं होता तथा सज्जन एवं साधुपुरुषों द्वारा प्रशंसित होकर इस लोक में अपना यश फैला के धर्म-अर्थ को प्राप्त कर, प्राणिमात्र का हित करने से कारण सबका बंधु बन जाता है । इस प्रकार वह पुण्यकार्य करनेवाला पुरुष मरणोपरांत भी उत्तम गति को प्राप्त करता है । इसलिए सभी मनुष्यों को सर्वदा सद्वृत का पालन करना चाहिए ।”* *🔹क्या करें🔹* *🔸 १] निश्चित, निर्भीक, लज्जायुक्त, बुद्धिमान, उत्साही, दक्ष, क्षमावान, धार्मिक और आस्तिक बनें ।* *🔸 २] सभी प्राणियों के साथ बंधुवत व्यवहार करें ।* *🔸 ३] सत्यप्रतिज्ञ, शान्ति को प्रधानता देनेवाला एवं दुसरे के कठोर वचनों को सहनेवाला बनें ।* *🔸 ४] भयभीत व्यक्तियों को आश्वासन व दीन-दु:खी को सहायता देनवाले हों ।* *🔸 ५] अमर्ष (असहिष्णुता, क्रोध ) का नाशक, शांतिमान और राग-द्वेष उत्पन्न करनेवाले कारणों का नाश करनेवाला होना चाहिए ।* *🔸 ६] गंदे कपड़े, अपवित्र केश का त्याग करनेवाला होना चाहिए ।* *🔸 ७] सिर व पैर में प्रतिदिन तेल लगायें ।* *🔹क्या न करें🔹* *🔸 १] अधार्मिक, पागल, पतित, भ्रूणहत्यारे और क्षुद्र तथा दुष्ट व्यक्तियों के साथ न बैठें ।* *🔸 २] पापी के साथ भी पाप का व्यवहार न करें ।* *🔸 ३] दूसरे की गुप्त बातें जानने की चेष्टा न करें ।* *🔸 ४] चैत्य ( मंदिर आदि ), झंडा, गुरु तथा आदरणीय, प्रशस्त कल्याणकारी वस्तुओं की छाया को न लाँघें ।* *🔸 ५] अधिक चमक या तेज से युक्त पदार्थ, जैसे – सूर्य, अग्नि आदि को तथा अप्रिय, अपवित्र और निंदित वस्तुओं को न देखें ।* *🔸 ६] बिना शरीर की थकावट दूर किये, बिना मुख धोये एवं नग्न होकर स्नान न करें ।* *🔸 ७] स्नान के बाद खोले हुए वस्त्रों को पुन: न पहनें ।* *🔸 ८] जिस कपड़े को पहनकर स्नान किया गया हो उसी कपड़े से सिर का स्पर्श न करें ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!