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Rama Devi Sahu

285 days ago

🙏🏼🕉️🙏🏼 🌹 *सुप्रभात*🌹 *"भगवान्" की कृपा* 🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌 *एक राजा था। उसका मंत्री भगवान् का परमभक्त था । कोई भी बात होती तो वह यही कहता कि.... "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई "* ☺️ *एक दिन राजा के "बेटे" की मृत्यु हो गई। मृत्यु का समाचार सुनते ही मंत्री बोल उठा "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई !" यह बात राजा को बुरी तो लगी, पर वह चुप रहा। कुछ दिनों के बाद राजा की "पत्नी" की भी मृत्यु हो गई। मंत्री ने कहा "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई !" राजा को गुस्सा आया, पर उसने गुस्सा पी लिया, कुछ बोला नहीं।* ☹️ *एक दिन राजा के पास एक नई तलवार बनकर आई। राजा अपनी अँगुली से तलवार की धार देखने लगा तो धार बहुत तेज होने के कारण चट उसकी अँगुली कट गई ! मंत्री पास में ही खड़ा था। वह बोला- "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई !" अब राजा के भीतर जमा सारा गुस्सा बाहर निकला और उसने तुरन्त मंत्री को राज्य से बाहर निकल जाने का आदेश दे दिया और कहा कि मेरे राज्य में तुम अन्न-जल ग्रहण मत करना।* 😧 *मंत्री बोला- "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई !" मंत्री अपने घर पर भी नहीं गया, साथ में कोई वस्तु भी नहीं ली और राज्य के बाहर निकल गया।* 😪 *कुछ दिन बीत गए। एक बार राजा अपने साथियों के साथ शिकार खेलने के लिए जंगल गया। जंगल में एक सूअर का पीछा करते-करते राजा बहुत दूर घने जंगल में निकल गया। उसके सभी साथी बहुत पीछे छूट गए। वहां जंगल में डाकुओं का एक दल रहता था। उस दिन डाकुओं ने देवी को एक मनुष्य की बलि देने का विचार किया हुआ था।* 🧐 *संयोग से डाकुओं ने राजा को देख लिया। उन्होंने राजा को पकड़कर बांध दिया। अब उन्होंने बलि देने की तैयारी शुरू कर दी।* *जब पूरी तैयारी हो गई, तब डाकुओं के पुरोहित ने राजा से पूछा- तुम्हारा "बेटा जीवित है ?" राजा बोला- नहीं, वह मर गया। पुरोहित ने कहा कि इसका तो हृदय जला हुआ है। पुरोहित ने फिर पूछा- "तुम्हारी पत्नी जीवित है ?" राजा बोला- वह भी मर चुकी है। पुरोहित ने कहा कि यह तो आधे अंग का है। अतः यह बलि के योग्य नहीं है। परन्तु हो सकता है कि यह मरने के भय से झूठ बोल रहा हो ! पुरोहित ने राजा के शरीर की जांच की तो देखा कि उसकी अँगुली कटी हुई है। पुरोहित बोला अरे ! यह तो अंग-भंग है, बलि के योग्य नहीं है ! छोड़ दो इसको ! डाकुओं ने राजा को छोड़ दिया।* 🙄 *राजा अपने घर लौट आया। लौटते ही उसने अपने आदमियों को आज्ञा दी कि हमारा मंत्री जहां भी हो, उसको तुरन्त ढूंढ कर हमारे पास लाओ। जब तक मंत्री वापस नहीं आयेगा, तब तक मैं अन्न ग्रहण नहीं करूंगा। राजा के आदमियों ने मंत्री को ढूंढ लिया और उससे तुरन्त राजा के पास वापस चलने की प्रार्थना की।* ☺️ *मंत्री ने फ़िर से कहा – "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई !" मंत्री राजा के सामने उपस्थित हो गया। राजा ने बड़े आदरपूर्वक मंत्री को बैठाया और अपनी भूल पर पश्चाताप करते हुए जंगल वाली घटना सुनाकर कहा कि "पहले मैं तुम्हारी बात को समझा नहीं। अब समझ में आया कि भगवान्‌ की मेरे पर कितनी कृपा थी" ! भगवान् की कृपा से अगर मेरी अंगुली न कटती तो उस दिन मेरा गला कट जाता ! परन्तु जब मैंने तुम्हें राज्य से निकाल दिया, तब तुमने कहा कि "भगवान् की बड़ी कृपा हो गई , तो वह कृपा क्या थी ,यह अभी तक मेरी समझ में नहीं आया !"* 🤔 *मंत्री बोला महाराज, जब आप शिकार करने गए, तब मैं भी आपके साथ जंगल में जाता। आपके साथ मैं भी जंगल में बहुत दूर निकल जाता , क्योंकि मेरा घोड़ा आपके घोड़े से कम तेज नहीं दौड़ता है। डाकू लोग आपके साथ मेरे को भी पकड़ लेते। आप तो अँगुली कटी होने के कारण बच गए, पर मेरा तो उस दिन गला कट ही जाता ! इसलिए भगवान् की कृपा से मैं आपके साथ नहीं था, राज्य से बाहर था; अतः मरने से बच गया। अब मैं पुनः अपनी जगह वापस आ गया हूं । यह भगवान की कृपा ही तो है !* 👏🏼 *हे नाथ ! हे मेरे नाथ !! मैं आपको कभी भूलूं नहीं !!!* 🚩 *जय श्री राम* 🚩

Comments (6)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Nov 18, 2025

Ji Hna... Book bhi hai...

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Nov 18, 2025

Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Nov 18, 2025

Dhanyawad 🌹❤️🌹 Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 🌹🌹

Bajra Singh Chouhah  Bajra Singh Chouhah

Bajra Singh Chouhah Bajra Singh Chouhah

Nov 18, 2025

जय हो 🙏🙏🙏🙏🤗🤗🤗🤗

My Mandir  good by

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Nov 18, 2025

बहुत खूब सुनी हैं मैंने ये दास्तां