
Rama Devi Sahu
247 days ago
बृज की होली एक अनोखा और रंगीन उत्सव है, जो भगवान श्री कृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ा हुआ है। यह उत्सव लगभग 40 दिन पहले बसंत पंचमी के साथ शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे पूरे ब्रज क्षेत्र में यह उत्सव कई रूपों में मनाया जाता है ¹ ² ³। *बृज की होली के खास पहलू:* - *लट्ठमार होली*: बरसाना और नंदगांव में मनाई जाती है, जिसमें महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष अपनी सुरक्षा के लिए ढालों का इस्तेमाल करते हैं। - *फूलों की होली*: वृंदावन में होली खेलने का यह तरीका विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां भक्तों पर फूलों की बारिश होती है। - *लड्डू होली*: बरसाना में मनाई जाती है, जहां महिलाएं भगवान श्री कृष्ण और उनके साथियों को लड्डू फेंक कर होली खेलती हैं। - *रंग-अबीर की होली*: इसमें रंगों और अबीर-गुलाल से होली खेली जाती है, जो पूरी ब्रज भूमि में खेली जाती है ¹ ⁴ ⁵। बृज की होली का उत्सव 2025 में 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन शुरू हुआ था और 14 मार्च को धुलेंडी तक अनवरत जारी रहेगा ² ³।
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