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Kamlesh Goyal

460 days ago

*|| श्रीजी निकुंज महारस प्रेमांजलि ||* "जब राधा ने यमुना को रचा…" जय जय श्री राधे! प्रेम केवल शब्दों का नाता नहीं, वो लीला है… वो नटखट भावों की आराधना है… और उस लीला की महारानी हैं — श्री राधा जी। जब श्यामसुंदर मान करके छवि फेर लेते हैं, तो राधा रानी क्रोधित नहीं होतीं — वो मुस्कुराती हैं… और सृष्टि में रच देती हैं रस का नया रंग। उस दिन… राधा रानी ने यमुना से कहा — "ओ मेरी सखी! तू आज श्याम बन जा, उसकी छाया, उसकी चाल, उसकी पायल की छनक — सब कुछ तू ओढ़ ले। आज मैं अपने प्रिय को उनकी ही छवि से मोहित करूंगी… लेकिन वह छवि मेरी होगी!" यमुना लहराई… और कृष्णमयी हो गई। लहरों में झलकता सौंदर्य, कृष्ण की चाल, मोर मुकुट सी लहराती लहरें, और पायल की झंकार… श्यामसुंदर ठिठक गए। देखते रह गए। वो समझे — "यह मैं हूँ… लेकिन यह मैं नहीं!" यह सौंदर्य कुछ और है… यह राधा है। उस क्षण… मान का बंधन टूट गया। प्रेम बह निकला। राधा रानी की वह लीला सफल हुई — जहाँ कृष्ण स्वयं राधा के रस में डूब गए। श्रीराधा! यह भाव — जहाँ प्रेम दर्पण बन जाए, जहाँ प्रकृति भी आपके इशारों पर छवि धारण कर ले, वही निकुंज महारस है। इस प्रेमांजलि को हम सब हृदय की पीठिका पर अर्पित करते हैं। यह आपकी लीला को प्रणाम है, यह भावों का दीप है, जो केवल प्रेम से जलता है। राधे राधे।

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Comments (5)

Runa Sinha

Runa Sinha

May 28, 2025

राधे राधे भाई 🙏

ILA SINHA

ILA SINHA

May 27, 2025

Radhe Krishna 🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 27, 2025

Radhey Radhey Jii 🙏🌹🌹

Nagar mal agarwal

Nagar mal agarwal

May 27, 2025

जय श्री राधे कृष्णा हरे हरे

Kamlesh  Goyal

Kamlesh Goyal

May 27, 2025

राधे राधे जी 🙏🙏