
दिनेश त्रिपाठी
343 days ago
ओम् देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥ सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर अपने सभी पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हे कोटि-कोटि नमन । आपका आशीष हम सभी पर सदैव ही बना रहे , यही प्रार्थना है ।
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