
Rama Devi Sahu
328 days ago
शरद पूर्णिमा का चन्द्रमा सबसे सुंदर होता है और सबसे ज्यादा आशिर्वाद देता है, आशा है इस रात आप सभी पर चन्द्रमा का भरपूर आशिर्वाद बरसे, इसी मनोकामना के साथ शरद पूर्णिमा की हादिँक बधाई || शीत ऋतु के स्वागत पर्व #शरद_पूर्णिमा की आप सभी को ह्रदयतल से शुभकामनाएं!! धवल चांदनी का अमृतमयी प्रकाश आप सभी के जीवन को उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण करे। आप सभी के घरों में अथाह सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य का संचार हो। #शुभ_शरद_पूर्णिमा शरद पूर्णिमा व्रत की शक्ति का चमत्कार, कथा सुनने से अधूरे संकल्प पूरे होते हैं। शरद पूर्णिमा व्रत कथा एक साहुकार की दो पुत्रियां थीं। दोनों ही पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत करती थीं। परन्तु बड़ी पुत्री व्रत पूरे विधि-विधान से रखती थी, जबकि छोटी पुत्री अधूरा व्रत करती थी। परिणामस्वरूप, छोटी पुत्री की संतान जन्म लेते ही मर जाती थी। छोटी पुत्री ने जब पंडितों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया, “तुम पूर्णिमा का व्रत अधूरा करती हो, यही कारण है कि तुम्हारी संतान जीवित नहीं रह पाती। यदि तुम पूर्णिमा का व्रत पूरे नियम से करोगी तो संतान जीवित रहेगी।” पंडितों की सलाह पर उसने पूर्णिमा का व्रत विधिपूर्वक किया। उसके बाद उसके घर पुत्र पैदा हुआ, परन्तु वह भी शीघ्र ही मर गया। छोटी पुत्री ने मृत बालक को एक पीढ़े पर लिटा दिया और ऊपर से कपड़ा ढक दिया। फिर उसने अपनी बड़ी बहन को बुलाकर वही पीढ़ा बैठने के लिए दिया। जब बड़ी बहन बैठने लगी तो उसका घाघरा बच्चे को छू गया। उसी क्षण बालक रोने लगा। बड़ी बहन ने कहा, “तू मुझे कलंकित करना चाहती थी। यदि मैं इस पर बैठ जाती तो यह मर जाता।” तब छोटी बहन ने उत्तर दिया, “बहन! यह पहले से ही मृत था। तेरे भाग्य और पुण्य के कारण ही यह जीवित हुआ है।” उस घटना के बाद नगर भर में ढिंढोरा पिटवाया गया कि पूर्णिमा का व्रत पूरे विधि-विधान से करना चाहिए। भारतीय प्राचीन मान्यताएं वैज्ञानिक आधारों पर बनी हुई है। भारतीय ऋषि-मुनियों जिन्हें हम वैदिक वैज्ञानिक कह सकते हैं, ने मानव कल्याण हेतु बहुत सारे नियम-कायदे बनाए हैं, जो आज भी पूर्ण रूप से आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर खरे उतरते है। आम जनमानस अगर पूर्णिमा के दिन स्नान, ध्यान करके इन छोटे एवं सरल उपायों का अनुसरण करेगा तो निश्चित ही लाभ का हकदार होगा, शरद पूर्णिमा पर करें ये उपाय चन्द्रमा मंत्र का कम से कम ग्यारह बार उच्चारण करें अथवा 108 के क्रम में जप करें। चन्द्रमा का मूल मंत्र ॐ सोम सोमाय नमः ॐ सों सोमाय नमः चन्द्रमा को अर्ध्य देते समय मंत्र का करें जाप ॐ श्रां श्रीं श्रैं स: चन्द्रमसे नमः ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः ॐ दधिशंखतुषारांभ क्षीरोदार्णवसभवम। नमामि शशिनंसोम शंभोर्मुकुट भूषणम॥ चांदी के दीप में शुद्ध घी का बाती से चंद्रमा की श्रद्धापूर्वक आरती उतारें। पूर्णिमा के दिन संध्याकाल में चंद्रोदय के समय चांदी या तांबे के लोटे में जल भरकर अर्घ्य दें और अपने स्वास्थ्य आदि लाभ की प्रार्थना करें॥ #चन्द्रदेव_जी_की_आरती ऊँ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा। दु:ख हरता सुख करता, जय आन्नदकारी। रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी। दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी। जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे। सकल मनोरथ दायक, निगुर्ण सुख राशि। योगीजन ह्रदय में, तेरे ध्यान धरें। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा। वेद पुराण बरवानत, भय पातक हारी। प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी। शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी। धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावें। विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी। सब जग के नर-नारी, पूजा-पाठ करें। ऊँ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा। दु:ख हरता सुख करता, जय आन्नदकारी॥ शरद पूर्णिमा की #शीतलता_कोमलता_शुभ्रता_उदारता सब के लिए #स्वास्थ्यप्रद_कल्याणकारी_मंगलकारी हो!!

Comments (2)

Radhe Radhe
Oct 6, 2025
🚩🌸 धन्यवाद् ((*जी बहन जी*)) बहुत अच्छी सभी पोस्ट। जी। आपको शरद पूर्णिमा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।। राधे राधे जी जय श्री कृष्ण जी।। ््््््ॐ 🌹🌹
