
बद्रीप्रसादअसाटी
307 days ago
🌹जय भास्कर 🙏🌹🙏सुप्रभात🌹 *ॐ आदित्याय विद्महे, दिवाकराय धीमहि।* *तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥* 🙏🙏 आज प्रथम अर्घ्य पर सभी भक्तों को मंगलकामनाएं और यथायोग्य प्रणमाशीष ! भगवान भास्कर की कृपा हो। *छठी मइया आप सभी के घर में सुख, समृद्धि और स्नेह की ज्योति जलाए रखें।* भक्ति की यह संध्या हमें यह सिखाती है — कि जब तक भीतर आस्था का सूर्य अस्त नहीं होता, तब तक जीवन में अँधकार नहीं हो सकता। जैसे सूर्य की किरणें अस्त होते हुए भी जग को आलोकित रखती हैं, वैसे ही जीवन में संध्या का समय आत्मचिंतन, श्रद्धा और आभार का होता है। आज के प्रथम अर्घ्य में हम सूर्यदेव से विनती करते हैं — कि वे हमारे जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रकाश सदा बनाए रखें। आचार्य पराशर जितेन्द्र उपाध्याय अधिवक्ता गयाजी मोबाइल 9472121433

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