
बद्रीप्रसादअसाटी
304 days ago
*आँवले वृक्षतले दानं स्नानं तत्रैव पूजनम्।* *अक्षय्यं भवति पुण्यं विष्णुलोकं स गच्छति॥* *👉 आज अक्षय नवमी (आँवला नवमी) है। आज के दिन किया गया स्नान,जप, दान आदि बड़ा हीं दिव्य और अक्षय फल प्रदायक होता है।* *👉 आज आँवला के वृक्ष का पूजन, प्रदक्षिणा, दान, ब्राह्मण भोजन और स्वयं भी उसी धात्री के वृक्ष के नीचे सपरिवार भोजन करना चाहिए। यह परम् कल्याणकारी होता है।* 👉 *क्योंकि आज के दिन आँवला के वृक्ष में हरि और हर दोनों का निवास होता है। ** आचार्य पंडित शुभ दर्शन** *ज्योतिषाचार्य, तन्त्राचार्य* *BHU, वाराणसी*

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