
Rama Devi Sahu
75 days ago
जब भी हम जीवन में किसी उलझन, असमंजस या कठिन परिस्थिति में होते हैं और हमें सही रास्ता दिखाई नहीं देता (या समझ नहीं आता कि हमारे लिए क्या सही है), तब यह प्रार्थना हमें अहंकार से मुक्त करती है। यह भाव मन में शांति लाता है और हमें प्रभु श्रीराम जी पर भरोसा करके उनकी इच्छा को स्वीकार करने की शक्ति देता है। चौपाई जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा। करहु सो बेगि दास मैं तोरा॥ निज माया बल देखि बिसाला। हियँ हँसि बोले दीनदयाला॥ भावार्थ- हे नाथ! जिस तरह मेरा हित हो, आप वही शीघ्र कीजिए। मैं आपका दास हूँ। अपनी माया का विशाल बल देख दीनदयालु भगवान मन-ही-मन हँसकर बोले -

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jun 16, 2026
जय श्री राम जय वीर हनुमान शुभ प्रभात वंदन जी 🌹🌹

सविता
Jun 16, 2026
Ram Ram ji 🙏🌹 shubh prabhat vandan ji
