
Rama Devi Sahu
157 days ago
|| श्री हनुमान चालीसा ||❤️🙏 || Hanuman Chalisa || दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।। कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा।। हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। कांधे मूंज जनेऊ साजै। संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।। विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।। प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।। सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे।। लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।। रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।। सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।। सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।। जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।। तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।। तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना।। जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।। प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।। दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।। राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।। सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना।। आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।। भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।। नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।। संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।। सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा। और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै।। चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।। साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।। अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।। तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै।। अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।। और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।। जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।। जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई।। जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।। तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।। दोहा : पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।। 🌷🌺🌷🌺🌷🌺🌷 🪔 • ᴶᵃⁱ ᴹᵃ • 🪔 🪻 ||• सर्व मंगल मांगल्ये,शिव सवार्थ सादिके, शरण्ये त्र्यंबके माँ कामख्या नारायणी नमोस्तुते •|| 🧘

Comments (4)

Rama Devi Sahu
Mar 29, 2026
🌼 शांत सिंधु सम राम मन, क्रोध न जानत कोय। पर जब कोपें रघुमणी, रक्षक कोउ न होय ॥ जब हम श्रीराम के इस स्वरूप को देखते हैं, तो यह केवल एक चौपाई नहीं रहती… यह जीवन का दर्पण बन जाती है। राम का मन “शांत सिंधु” जैसा है— समुद्र की तरह गहरा, गंभीर और अडोल। ऊपर चाहे कितनी भी लहरें उठें, भीतर की शांति कभी नहीं टूटती। राम ने जीवन में हर वह पीड़ा सही, जो एक मनुष्य को तोड़ सकती है— राज्य छूटा, प्रियजनों से बिछोह हुआ, वनवास मिला, और अंततः माता सीता का हरण भी हुआ। फिर भी उनके मन में क्रोध का एक ज्वार भी नहीं उठा। यह हमें सिखाता है— 👉 सच्ची महानता प्रतिक्रिया में नहीं, धैर्य में होती है। लेकिन… यह शांति कमजोरी नहीं है। जब अधर्म अपनी सीमा लांघता है, जब निर्दोषों की रक्षा का प्रश्न आता है, तब वही शांत राम “रघुमणि” बनकर उठते हैं। उनका क्रोध व्यक्तिगत नहीं होता, वह धर्म की रक्षा के लिए होता है। और जब वह कोप करते हैं, तो अन्याय का कोई रक्षक नहीं बचता। 👉 यहाँ जीवन का सबसे गहरा सत्य छिपा है— “सहनशील बनो, पर अन्याय के सामने मौन मत रहो।” आज हम अक्सर या तो हर छोटी बात पर क्रोधित हो जाते हैं, या फिर बड़े अन्याय को भी चुपचाप सह लेते हैं। राम हमें इन दोनों के बीच का संतुलन सिखाते हैं— जहाँ बात अहंकार की हो, वहाँ शांत रहो। जहाँ बात धर्म की हो, वहाँ अडिग रहो। 🌿 यदि इस चौपाई को हृदय में उतार लें, तो जीवन बदल सकता है— शांत रहकर भी शक्तिशाली बनना, और शक्तिशाली होकर भी मर्यादित रहना— यही रामत्व है। 🙏 “राम का मार्ग यही सिखाता है— मन में शांति रखो, पर सत्य के लिए अडिग रहो

संजय कुमार मेहंदीरत्ता
Mar 29, 2026
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌🙏👌

Rama Devi Sahu
Mar 25, 2026
🙏‼️ Jai Shree Ram ‼️🙏 Navaratri ki Astami or Shree Ram Navami ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Aap or Aap ke Pure Parivar pr Maa ki Aasirbad Sadeib Bani Rahe ❤️ Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🌹🌹 Ram Ram Jii 🌹🌹

Haresh Chanchlani Chanchlani
Mar 25, 2026
जय श्री राम जी 🌹🙏🌹जय श्री हनुमान जी राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं आप सभी परिवार जनों को नवरात्रि महोत्सव की बहुत बहुत बधाई 🌹🙏🌹
