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Rama Devi Sahu

65 days ago

रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं:: आत्मानं रथिनं विद्धि शरीरं रथमेव तु। बुद्धिं तु सारथिं विद्धि मनः प्रग्रहमेव च॥ रथयात्रा हमें यह दिव्य संदेश देती है कि भगवान मंदिरों तक सीमित नहीं हैं। वे अपने भक्तों के बीच चलने वाले, उनके सुख-दुःख में सहभागी बनने वाले, करुणा और प्रेम के सागर हैं। यदि हम अपने हृदय को प्रेम, नम्रता और भक्ति से भर दें, तो वही हृदय भगवान जगन्नाथ का वास्तविक रथ बन जाता है। जय जगन्नाथ! जय बलभद्र! जय माता सुभद्रा! सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो। 🙏🌹⭕‼️⭕🌹🙏

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