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Rama Devi Sahu

193 days ago

प्रेम किसी को पाने की चाह नहीं,, किसी के होने में सुख महसूस करना है। जहां अपनापन हो वहीं सच्चा प्रेम होता है 💞 🌞🍀🍀🌞🍀🍀 पुरुषों ने प्रेम में ताजमहल बनाया पहाड़ तोड़े और पत्थर खाया और फिर पूछा गया कि प्रेम में स्त्री ने बताओ क्या बनाया..... स्त्री ने न कोई ताज महल बनाया न कभी अपने प्रेम को रखा किसी नुमाइश का सरमाया पर हां पहाड़ों से दिन तोड़े विरह में और तानों का पत्थर भी खाया पर इन सबसे पहले उसने ही खुद इस धरा पर प्रेम रचाया और खुद को प्रेम के हर रूप में फिर सबको ढलकर दिखलाया हाँ, पर उसने कभी प्रेम में अपने कोई ताजमहल नहीं बनाया.... फिर कभी #राधा बन विरह सह गयी इक #ग्वाले को अपना कृष्ण बनाया प्रेम में ही फिर #सीता बन कर अपना #अग्निपरिक्षण करवाया सती सावित्री बनकर कभी उसने पति को #यमदूत से भी छुड़ाया हां, पर उसने कभी प्रेम में अपने कोई #ताजमहल नही बनाया..... जब बनी प्रेम में सोहनी कभी तो कच्चे पर ही खुद को तैराया लैला बन गलियों में खुद को पत्थरों से भी था पिटवाया मीरा बनकर तो उसने देखो जोग में ही अपना प्रेम रचाया हाँ, पर उसने कभी प्रेम में अपने कोई ताजमहल नही बनाया बात आई जब पुत्री प्रेम की तो पिता की खातिर अपना घर छोड़ किसी और का आंगन सजाया और बनकर बहन जब आई सामने तो अपना सब हक अधिकार भी अपने भाई के नाम लिखवाया घर की इज्जत मान रखने को उसने अपना हर सपना दफनाया हाँ, पर उसने कभी प्रेम में अपने कोई ताजमहल नहीं बनाया.... अब बात करूं जो सबसे सच्चे प्रेम की #माँ की #ममता को ही मैंने तो इस दुनियां सर्वोपरी निस्वार्थ प्रेम ही पाया अपनी संतान के सुख की खातिर जब इक माँ ने खुद को दूजा जन्म दिलाया पर राष्ट्रप्रेम के लिए तो पन्ना बन गई और खुद ही अपना लाल मरवाया हाँ, पर उसने कभी प्रेम में अपने कोई ताजमहल नहीं बनाया.... स्त्री ने ही तो रचा प्रेम को जग में प्रेम के हर रूप में ही बस स्त्री धुर तक समाई है कोई ताजमहल क्या कर लेगा बराबरी कभी उसकी जो इबारत प्रेम में स्त्री ने बनाई है..... 🙏❤️🙏

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