
प्रभा त्रिपाठी
450 days ago
राम।।🍁 *..अभी परमात्माकी प्राप्ति हो जायगी !..*✨ अगर आपके मनमें महात्मा बननेकी आती है तो सीधी बात है - (अहंता-ममताका) त्याग करो। अन्तमें सबका त्याग करना ही पड़ेगा। त्याग भी उसी वस्तुका करना है, जो निरन्तर आपका त्याग कर रही है। उसका त्याग करनेसे आप तत्त्वज्ञ, जीवन्मुक्त हो जायँगे। *संसारमें आपकी चीज क्या है ? बताओ। एक कौड़ी भी आपकी नहीं है ! जो आपकी चीज नहीं है, उसको अपनी मत मानो, पूरी बात इतनी ही है !* आपका धन आपका नहीं है, आपका कुटुम्ब आपका नहीं है, आपका घर आपका नहीं है, आपकी जमीन-जायदाद आपकी नहीं है, आपने अपनी मान रखी है। ये सब छूटेंगे.....सब छूटेंगे..... सब छूटेंगे ! इनपर मनसे कब्जा छोड़ दो, परमात्माकी प्राप्ति हो जायगी ! इसमें किंचिन्मात्र भी सन्देह नहीं है। आप इनको नहीं छोड़ो तो भी ये छूटेंगे ही ! *जिनको आप रख सकते नहीं, जो छूटेंगे ही, उनको मनसे अभी छोड़ दो तो अभी परमात्माकी प्राप्ति हो जायगी !* बाधा आपने ही लगायी है। मेरा कुछ नहीं है और मेरेको कुछ नहीं चाहिये- ये दो बातें मान लो तो निहाल हो जाओगे ! *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज, पुस्तक- *ईश्वर अंस जीव अबिनासी* पृष्ठ १६१
Comments (2)

प्रेम कुमार
Jun 6, 2025
🌹🌹 राम राम जी 🌹🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 6, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Suprabhat Jii 🙏🌹🌹
