
Haresh Chanchlani Chanchlani
257 days ago
वन की शांति में, वटवृक्ष की छाया तले आज बजरंग बली विश्राम कर रहे हैं… ये नींद थकान की नहीं, ये नींद है धर्म की रक्षा के बाद सुकून की। जिन हाथों ने पर्वत उठाए, जिन चरणों ने लंका जलाई, आज वही चरण फूलों की सेज पर टिके हैं। धरती पर बिखरा सिंदूर गवाही देता है कि जहाँ हनुमान जी होते हैं वहाँ भय, संकट और नकारात्मकता खुद ही शांत हो जाती है। जो भी सच्चे मन से इनके विश्राम के दर्शन करता है उसके जीवन की लड़ाइयाँ अपने आप हल्की हो जाती हैं। जय बजरंग बली 🙏 शुभ वन्दना वन्दना 🙏

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