MyMandirInstall

राम।।🍁 *..भगवान् जो चाहें, वही हमारी चाह..*✨ ऋषिकेश, स्वर्गाश्रममें सत्संग हो रहा था। गीताप्रेसके संस्थापक, संचालक, संरक्षक, उत्पादक श्रीजयदयालजी गोयन्दका बड़े अच्छे सन्त थे। वे गृहस्थाश्रममें थे। सत्संगमें बात चली तो लोग कहने लगे कि हम जैसा चाहें, वैसा (मनचाहा) नहीं होता। गोयन्दकाजी बोले कि हमारे तो सदा मनचाहा ही होता है ! मैं बोला कि यह नयी बात कैसे हुई ! लोग तो कहते हैं कि हमारा मनचाहा नहीं होता और आप कहते हैं कि हमारे तो मनचाहा ही होता है! यह क्या अटकल है, क्या उपाय है ? वे बोले कि हमने अपनी चाह भगवान् की चाहमें मिला दी। *राम कीन्ह चाहहिं सोइ होई ।* *करै अन्यथा अस नहिं कोई ॥* (मानस, बाल० १२८। १) भगवान् जो चाहें, वही हमारी चाह ! हम अपनी कोई अलग चाह रखते ही नहीं। भगवान् के शरण हो गये तो फिर अलग चाह थोड़े ही रखते हैं! इसलिये हमारा तो हरदम मनचाहा ही होता है। जो होता है, उसीमें प्रसन्न हैं! *यह होना चाहिये, यह नहीं होना चाहिये-यह तो आफत है !* लोग कहते हैं कि हमारे भीतर शान्ति नहीं है तो मैं कहता हूँ कि आपने ये दो बातें पकड़ लीं कि ऐसा होना चाहिये, ऐसा नहीं होना चाहिये। अब अशान्ति-ही-अशान्ति होगी! अब शान्ति नहीं मिलेगी। इसलिये जो भगवान् करें, वही होना चाहिये। अपनी मरजी भगवान् पर छोड़ दें तो चिन्ता, फिक्र सब मिट जायगी, मौज हो जायगी ! *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज *सत्संगका चमत्कार !* पृष्ठ सं० ४3

Post media

Comments (3)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 7, 2025

Ram Ram 🙏 Subh Dopahar Jii 🙏 Prabhu Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏🌹🌹

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Jul 7, 2025

जय श्री कृष्ण बहना जी 🙏🌹🙂 शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन 🙏🌹🙂

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Jul 7, 2025

🌹 ऊं नमो शिवाय 🌹🌹 शुभ प्रभात वंदन आप का दिन मंगलमय हो 🌹