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! श्री हरि: ! काम करते समय भगवान को साथ समझें--- प्रश्न – हर एक काम में उत्साह कैसे रहे ? उतर – उत्साह तो तभी रह सकता है जब भगवान् का काम समझें | हर एक क्रिया करते समय भगवान् को साथ समझें | भगवान् ही सब काम अपने से करवा रहे हैं | काम ही साधन है | क्षण-क्षण में रोमांच होता रहे | जोर के साथ साधन चल रहा है, अभिनय हो रहा है | हम उसके पात्र हैं | अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं | इस प्रकार समझें | दु:खी और दरिद्र भगवान् ही हैं | भगवान् ही उस रूप में आ रहे हैं, भगवान् ही भिखारी के रूप में आये हैं | इस प्रकार भगवान् की लीला देखता रहे | सबमे भगवान् का दर्शन करे | परमात्मा ही हमारे साथ शामिल होकर काम कर रहे हैं | उनकी हमारे ऊपर बड़ी दया है, उनका हमारे सिर पर हाथ है | वे ही काम करवा रहे हैं और साथ में रहकर कर रहे हैं | जैसे गोपियाँ और गोप भगवान् को साथ देखकर प्रसन्न हो रहे हैं | उस प्रकार भगवान् को साथ देखें | रोमांच होता रहे | भगवान् ही काम करवा रहे हैं | अपनी क्या सामर्थ्य है ? जैसे आप लोग भूकंप में गये थे, सौ-सौ, पचास-पचास कुँए साफ़ कराते थे, उसी प्रकार भगवान् की लीला समझकर काम करें | इस प्रकार का भाव हो तो थकावट नहीं आ सकती एवं बड़ा उत्साह होगा | जैसे लोभी आदमी थकता नही | उसका उद्देश्य तो रुपया है, अपना भगवान् है | मैंने जो बात कही कि काम करने वालों के रोमांच, अश्रुपात हो तब तो समझना चाहिये की मैंने जो बात कही वे समझ गये, नहीं हो तो समझना चाहिये त्रुटी रही है | यह कसौटी है | जो कुछ हम करते हैं ईश्वर के लिये करते हैं, ईश्वर कि आज्ञा से कर रहे हैं और ईश्वर ही करवा रहे हैं | जो अपने साथी हैं वे ईश्वर के परिकर हैं | स्वयं परमात्मा नट हैं | हम पात्र हैं, वे करवा रहे हैं | उनकी आज्ञा से कर रहे हैं | (श्रध्देय जयदयाल गोयन्दका जी - पुस्तक “भगवत्प्राप्ति कैसे हो ?” १७४७, गीताप्रेस ) ।

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 8, 2025

Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🌹🌹

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Jun 8, 2025

🙏🙏 शुभ प्रभात वंदन 🙏🙏