
Rama Devi Sahu
357 days ago
🙏‼️ Om Shree Paramatmane Namah ‼️🙏 Dt.07.09.2025 (Sunday ) ************************ 🌱 आस्था और पर्यावरण: एक गहरी सच्चाई "आस्था का मतलब सिर्फ मूर्ति लाना और विसर्जन करना नहीं है। सच्ची भक्ति है प्रकृति, मिट्टी, जल और वायु की रक्षा करना। जब हम देवी-देवताओं को सम्मान देते हैं, तो क्या उनकी दी हुई धरा और नदियों का अपमान कर सकते हैं? अब समय है परंपरा को समझदारी से निभाने का, ताकि हमारी आस्था भी शुद्ध रहे और प्रकृति भी सुरक्षित।" --- कुछ समय पहले मैंने एक विचार लिखा था – कि हमें मिट्टी की मूर्तियों को बनाकर स्थापित करने की बजाय अपने घर के मंदिर में पहले से स्थापित मूर्ति की ही पूजा करनी चाहिए। इससे मिट्टी भी बचेगी, नदियाँ और समुद्र भी स्वच्छ रहेंगे। परंपरा पुरानी है, और उसी परंपरा के कारण मेरे घर में भी पत्नी और बेटे ने मिट्टी की मूर्ति ही स्थापित की। मैंने अपना विचार लिखा था – कोई माने या न माने, यह उनकी इच्छा है। पर जब मेरे अपने घर में ही मेरी बात का पालन नहीं होता, तो दुनिया से उम्मीद करना भी कठिन हो जाता है। आज गणेश जी का विसर्जन था। छोटे घरेलू गणपति के लिए अलग से विसर्जन की सुविधा थी। मैंने देखा – मूर्ति को बस थोड़ा-सा पानी में डुबोकर सरकार की कचरा उठाने वाली गाड़ी में डाल रहे थे। गाड़ी के पास से हल्की बदबू आ रही थी। सोचने वाली बात है – जिन्हें लोग श्रद्धा और आस्था से घर लाते हैं, उन्हें कुछ ही दिनों बाद कचरे की गाड़ी में डाल देते हैं। यही क्या आस्था निभाना है? मूर्ति को लाना और फिर अपमानजनक तरीके से फेंक देना – यह किस तरह की भक्ति है? मिट्टी, जिसमें अन्न और फल उगते हैं, जो पेड़ों को जीवन देती है, वही मिट्टी खोद-खोद कर मूर्तियाँ बनाई जाती हैं। पर बिना मिट्टी के पेड़ नहीं उगेंगे और बिना पेड़ के हवा कहाँ से आएगी? यानी लोग अपनी ही मिट्टी और हवा को नष्ट कर रहे हैं। नदियों में मूर्ति डालना – नदी को दूषित करना है। बड़ी मूर्तियाँ समुद्र में जाती हैं – तो समुद्र भी गंदा होता है। यही नहीं, समुद्र के स्तर को भी प्रभावित किया जा रहा है। और जब यही मूर्तियाँ तोड़ी-फेंकी जाती हैं, पैरों से धकेली जाती हैं, क्रेन से गिराई जाती हैं – तो यह दृश्य बेहद अपमानजनक लगता है। अब नवरात्रि आने वाली है, और वहीं वही गलती दोहराई जाएगी। लोग सोचते हैं कि यह आस्था है, पर असल में यह प्रकृति के उपहारों का दुरुपयोग है। त्योहार अब मानो मनोरंजन बन गए हैं। दीवाली पर लोग दीपक और रोशनी की बजाय पटाखों का चयन करते हैं। पूरा शहर धुएँ से भर जाता है। वही लोग खिड़की-दरवाज़े बंद करके घर के भीतर स्वच्छ हवा में सो जाते हैं। पर बाहर खुले आसमान के नीचे रहने वाले जीव-जंतु उस जहरीली हवा में कैसे साँस लेते होंगे? सरकारें भी दोहरेपन से काम करती हैं। एक तरफ कहती हैं कि प्रदूषण फैलाना अपराध है, दूसरी तरफ पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस देती हैं। एक ओर ‘जागरूकता’ का प्रचार करती हैं, दूसरी ओर बाज़ार सजवाती हैं। असल में किसी को प्रकृति की जिम्मेदारी उठानी ही नहीं है। सबको बस अपना-अपना मतलब देखना है। परंतु शायद यह लोग नहीं जानते – अब देवता स्वयं मानव रूप में प्रकट हो चुके हैं। वे सब देख रहे हैं कि मनुष्य उनकी आस्था के नाम पर क्या कर रहा है। प्रकृति भी सब देख रही है और अब हिसाब शुरू हो चुका है। जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो लोग भगवान को याद करते हैं – पर सवाल यह है कि क्या भगवान बदला ले रहे हैं, या इंसान अपने ही कर्मों का फल भुगत रहा है? त्योहारों और धार्मिक क्रियाओं के नाम पर ध्वनि प्रदूषण, मिट्टी और पानी का विनाश, वायु का शोषण, पेड़ों की जड़ों का नाश – यह सब हमारे ही जीवन की नींव को हिला रहे हैं। तेज़ डीजे और साउंड सिस्टम से मोहल्ले गूंजते हैं, दीवारें तक कांपती हैं। क्या यह हमारी अपनी नींव को कमजोर नहीं कर रहा? आस्था का असली अर्थ है – जीवन देने वाली मिट्टी, जल, वायु, पेड़ और जीव-जंतु की रक्षा। पर हमने इसे तमाशा बना दिया है। और अब… प्रकृति स्वयं संतुलन बना रही है। --
Comments (29)

Rohit Patel
Sep 7, 2025
जी bye 👋👋👋 mummy Meri bula Rahi hai...

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Har Pal Subha Mangalmay Ho 🙏 Bahut bahut Dhanyawad 🙏 Subha Ratri... Subha Ratri.... Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Vvery Sweet Good Night ❤️ Sweet Dreams Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Swapna Pure Ho 🙏🌹🌹

Rohit Patel
Sep 7, 2025
रमा जी, हम सच्ची बता रहे है कि आप बहुत प्यारी हो मैंने आपको देखा तो नही पर मन की आंखों से जरूर देखा है 💞💞💞

Rohit Patel
Sep 7, 2025
जी बिलकुल पुरे विश्व का कल्याण हो यही हम महादेव जी से याचना अर्जी लगाते है जी 🔱🪷🌿📿🙏 धन्यवाद जी 🌹 🙏 GN जी 🛏️💞💞💞💞

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Aap ke liye Ye Chandra Grahan Subha Phalprad Ho 🙏 Jai Ho Radhe Radhe 🙏 Subha Ratri Jii 🙏 Bhagwan Aap ko Hamesha Mangal Rakhe or Swastha Surakshit Rakhe 🙏 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Comment Dene or Prasansha krne ke liye Bahut Bahut Dhanyawad 🙏 or Aabhari hoon...🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Same to You ❤️ Aap ke liye bhi Bahut Mangal Dayak Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2025
Wow.... Kitna Sundar Comment... 🙏 Bahut bahut Dhanyawad Jii 🙏 Bhagwan Shri Surya Dev Ji ki Aasirbad Aap or Aap ke Pure Parivar pr Hamesha Banaye Rakhe 🙏 Yahi Meri Prathana 🙏 Aap ka Sada hi Kalyan Ho 🙏🌹🌹

Rohit Patel
Sep 7, 2025
जी रमा जी प्रति वंदन जी 🌹🙏 यह तो आप का स्नेह है कि जो हम पा रहे हैं जी 💞🌹🙏 धन्यवाद जी take care and have a sweet dreams ji 💞💞💞 जय हो...🙂🙏
