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🌷 उमा जोग जप दान तप, नाना व्रत मख नेम राम कृपा नहिं करहिं तस, जस निस्केवल प्रेम🌷 भगवान शिव पार्वती के प्रति कहते हैं, हे उमा ! योग, जप, दान, तपस्या और भाँति भाँति के व्रत यज्ञ नियम आदि मिलकर भी साधक को प्रभु कृपा का वैसा अधिकारी नहीं बना सकते, जैसा कि अनन्य प्रेम बना सकता है अर्थात प्रभु सिर्फ प्रेम से ही पाये जा सकते हैं 🙏🔱!!🌼 ॐ नमः शिवाय🌼!!🔱🙏 🙏🔱!! 🌼 हर हर महादेव 🌼!!🔱🙏 देवो के देव महादेव जी एवं माता पार्वती जी की कृपा सदैव आप सभी पर बनी रहें।

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Comments (1)

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Jan 2, 2026

जय हो शिव परिवार की 🙏