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Rama Devi Sahu

6 hours ago

*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 29 सितम्बर 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - तृतीया शाम 05:09 तक तत्पश्चात् चतुर्थी* *⛅नक्षत्र - अश्विनी सुबह 09:03 तक तत्पश्चात् भरणी* *⛅योग - हर्षण मध्यरात्रि 03:20 सितंबर 30 तक तत्पश्चात् वज्र* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:17 से शाम 04:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:18* *⛅सूर्यास्त - 06:16 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:42 से प्रातः 05:30 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:53 से दोपहर 12:41 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:53 से मध्यरात्रि 12:41 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - तृतीया श्राद्ध, महा भरणी श्राद्ध, सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 06:18 से सुबह 09:03 तक), अंगारकी मंगलवारी चतुर्थी (शाम- 05:09 से सूर्योदय 30 सितम्बर तक), विध्नराज संकष्टी चतुर्थी* *🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 👉🏻 *श्राद्ध पक्ष में गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस सरल विधि से करें पितरों को संतुष्ट! पूर्वजों का मिलेगा शुभ आशीर्वाद, घर में बनी रहेगी सुख-शांति* 🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷 👉 *29 सितम्बर 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 07:56)* 🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :* 🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।* 🌷 *ॐ सोमाय नमः ।* 🙏🏻 👉🏻 *श्राद्ध का भोजन कराते समय रखे यह सावधानी*⤵️ 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 29 सितम्बर 2026 को शाम 05:09 से 30 सितम्बर सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*🙏 *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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Comments (1)

सविता

सविता

Sep 29, 2026

• समर्पण में जीत: अपनी चिंताएं हनुमान जी के चरणों में छोड़ दें और देखें कि कैसे आपके सारे बिगड़े काम बनने लगते हैं। संकटमोचन का साया: जब जीवन में संकट बड़ा लगने लगे, तो आँखें बंद करके 'जय बजरंगबली' बोलें; समाधान अपने आप मिल जाएगा।