
Rama Devi Sahu
46 days ago
सुबह से, शाम से बैठा हुआ हूँ किसी के काम से बैठा हुआ हूँ तुझे ऐसा कहाँ से लग रहा है कि मैं आराम से बैठा हुआ हूँ यहाँ गुमनाम सबको लग रहा हूँ मैं 'तेरे' नाम से बैठा हुआ हूँ सुभग आग़ाज़ करके आ गया हूँ सुखद अंजाम से बैठा हुआ हूँ तेरी छाया से वंचित हो गया हूँ दुबक कर घाम से बैठा हुआ हूँ सड़क-सी हो गयी है ज़िन्दगानी मैं डर कर जाम से बैठा हुआ हूँ मैं सबमें गिन लिया जाऊँ न, इससे निकल हम्माम से बैठा हुआ हूँ मेरे अन्तर की भगदड़ रुक गयी है बहुत विश्राम से बैठा हुआ हूँ मैं तेरा सुख ख़रीदूँ भी तो कैसे मैं बिकने दाम से बैठा हुआ हूँ पुराने ढंग रास' 'आये नहीं हैं नये आयाम से बैठा हुआ हूँ मैं ऐसे ही नहीं बैठा अभी तक किसी संग्राम से बैठा हुआ हूँ मैं तुझसे हार जाना चाहता हूँ सो मैं हरिनाम से बैठा हुआ हूँ #राधेराधे 🙏🙏
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jul 15, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Jii 🌹🌹

Radhe 🌹
Jul 15, 2026
Radhe Radhe ji🌹🙏
