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*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 21 अक्टूबर 2026* *⛅दिन - बुधवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - दशमी दोपहर 02:11 तक तत्पश्चात् एकादशी* *⛅नक्षत्र - धनिष्ठा शाम 07:48 तक तत्पश्चात् शतभिषा* *⛅योग - गण्ड मध्यरात्रि 12:33 तक तत्पश्चात् वृद्धि* *⛅राहुकाल - दोपहर 12:11 से दोपहर 01:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:26* *⛅सूर्यास्त - 05:56 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:46 से प्रातः 05:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:47 से मध्यरात्रि 12:37 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - बंगाल विजयादशमी, मध्वाचार्य जयंती* *🌥️विशेष - दशमी को कलंबी का शाक खाना त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)* 💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 👉🏻 *कब करे एकादशी का व्रत 22 या 23 अक्टूबर को जान ले संपूर्ण जानकारी* 🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷 ➡️ *21 अक्टूबर 2026 बुधवार को दोपहर 02:11 से 22 अक्टूबर, गुरुवार को दोपहर 02:47 तक एकादशी है।* 💥 *विशेष - 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।* 🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 👉🏻 *पापांकुशा एकादशी व्रत कथा और महत्व जरूर जानें! पापों से मुक्ति, पुण्य लाभ और भगवान विष्णु की कृपा पाने का पावन अवसर* 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🙏🏻 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*🙏🏻 *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 21, 2026

शुभ बुधवार जयश्री गणेशाय नमः जयश्री कृष्ण जयश्री रामजी ।🙏🙏🌹🌹 सुबह की राम राम आपका दिन शुभ हो । भगवान आपको खुश रखें ।🌹🌹

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Oct 21, 2026

good morning ji 🙏