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Rama Devi Sahu

330 days ago

…. ╭───────•◈•───────╮ ★ शिक्षा से पहले संस्कार ★ ───────•◈•─────── बड़े गुस्से से ... मैं घर से चला आया. इतना गुस्सा था कि ... गल्ती से पापा के ही जूते पहन कर निकल गया. मैं आज इस घर को छोड़ दूँगा, और ... तभी लौटूँगा, जब ... बहुत बड़ा आदमी बन जाऊँगा. जब 'बाइक' नहीं दिलवा सकते थे, तो इंजीनियर बनाने के सपने क्यों देखते है. आज मैं पापा का पर्स भी उठा लाया था, जिसे किसी को हाथ तक न लगाने देते. मुझे पता है ~ इस पर्स में जरुर ... पैसों के हिसाब की डायरी होगी. पता तो चले ... कितना माल छुपाया है ... माँ से भी. जैसे ही मैं ... कच्चे रास्ते से सड़क पर आया, मुझे लगा ... जूतों में कुछ चुभ रहा है. मैंने जूता निकाल कर देखा. मेरी एड़ी से थोड़ा सा खून रिस आया था. जूते की कोई कील निकली हुई थी, दर्द तो हुआ पर ... गुस्सा बहुत था. मुझे तो जाना ही था ~ घर छोड़कर. जैसे ही कुछ दूर चला .... मुझे पाँवो में गीला-गीला लगा, सड़क पर पानी बिखरा पड़ा था. पाँव उठा के देखा तो ... जूते का तला टूटा था. जैसे-तैसे लंगड़ाकर बस स्टॉप पहुँचा, पता चला ... एक घंटे तक कोई बस नहीं थी. मैंने सोचा ... क्यों न पर्स की तलाशी ली जाये. मैंने पर्स खोला, एक पर्ची दिखाई दी, लिखा था ... लैपटॉप के लिए 40 हजार उधार लिए, पर लैपटॉप तो घर में > मेरे पास है. दूसरा एक मुड़ा हुआ पन्ना देखा, उसमें उनके ऑफिस की किसी 'हॉबी डे' का लिखा था ... उन्होंने हॉबी लिखी ~ अच्छे जूते पहनना. ओह.... अच्छे जूते पहनना ??? पर उनके जूते तो !!!! माँ पिछले चार महीने से हर पहली को कहती है ~ नए जूते ले लो ... और वे हर बार कहते ~ अभी तो ये जूते ... 6 महीने और चलेंगे. अब मैं समझा ... कितने चलेंगे ? तीसरी पर्ची ~ पुराना स्कूटर दीजिये, एक्सचेंज में नयी मोटर साइकिल ले जाइये. पढ़ते ही दिमाग घूम गया. पापा का स्कूटर .. ओह्ह्ह्ह ! मैं घर की और भागा. अब पाँवों में ... ◆ वो कील नहीं चुभ रही थी. ◆ मैं घर पहुँचा ..... न पापा थे .. न स्कूटर ...... ओह्ह्ह नहीं ! मैं समझ गया .. कहाँ गए होंगे. मैं दौड़ा ... और ... एजेंसी पर पहुँचा. पापा वहीं थे. मैंने उनको गले से लगा लिया, और आँसुओं से उनका कन्धा भिगो दिया. नहीं पापा ... नहीं ... मुझे नहीं चाहिए मोटर साइकिल. बस आप .. नए जूते ले लो, और मुझे अब बड़ा आदमी बनना है. वो भी आपके तरीके से. .─⊱━━━━⊱⊰━━━━━⊰─ ★ माँ ~ एक ऐसी बैंक है, जहाँ आप हर भावना और दुख जमा कर सकते हैं. ... और ... ★ पिता ~ एक ऐसा क्रेडिट कार्ड है, जिनके पास बैलेंस न होते हुए भी हमारे सपने पूरे करने की कोशिश करते हैं. 🍀🍀🍀🍀 👇 ... इंसान .... 👇 अगर शिक्षा से पहले संस्कार व्यापार से पहले व्यवहार और ... भगवान से पहले माता-पिता को पहचान ले, तो ★ ... जिन्दगी में ... ★ कभी कोई कठिनाई नहीं आयेगी. ๑●▬▬๑۩ 🎊 ۩๑▬▬●๑ ︶︸︶︸︶︸︶︸︶︸︶

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 4, 2025

🙏❤️🌹❤️🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 4, 2025

Bahut bahut Dhanyawad Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Ratri Sukhd or Mangal Ho 🙏 Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 4, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 4, 2025

🌹🌹 इंसान अगर शिक्षा के पहले संस्कार, व्यापार से पहले व्यवहार ,और...... भगवान से पहले माता-पिता को पहचान तो "*.... जिंदगी. में....* कभी कोई कठिनाई नहीं आएगी।।//धन्यवाद जी बहन जी वेरी नाइस पोस्ट..!! जीवन की सीख!! अति सुंदर पोस्ट जी!!🔻 धन्यवाद जी बहन जी//शुभ रात्रि की शुभकामनाएं जी!!🔻🌹🌹