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Rama Devi Sahu

13 days ago

😱 17 अगस्त को महाकाल के इस मंदिर के कपाट सिर्फ 24 घंटे के लिए खुलेंगे... आखिर सालभर क्यों बंद रहता है यह मंदिर? आज 17 अगस्त है... आज सिर्फ नाग पंचमी ही नहीं है, बल्कि सावन का तीसरा सोमवार भी है। और यही वजह है कि आज उज्जैन की महाकाल नगरी में एक ऐसा मंदिर खुलने वाला है, जिसके कपाट साल में केवल एक बार खोले जाते हैं। नाम है— श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर। यह मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। महाकाल मंदिर की सबसे खास बात यह है कि एक ही परिसर में अलग-अलग स्तरों पर महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और सबसे ऊपर नागचंद्रेश्वर के दर्शन होते हैं। लेकिन नागचंद्रेश्वर का दरबार सबसे अलग है। क्योंकि... इसके कपाट पूरे साल बंद रहते हैं। सिर्फ नाग पंचमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। और फिर लगभग 24 घंटे बाद एक बार फिर पूरे साल के लिए बंद कर दिए जाते हैं। आज यानी 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी और सावन सोमवार का विशेष संयोग भी है। इसी कारण आज उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। लेकिन सवाल है... आखिर इस मंदिर के कपाट सालभर बंद क्यों रहते हैं? इसके पीछे एक प्राचीन धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है। मान्यता के अनुसार, नागराज तक्षक ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की थी। तक्षक की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया। इसके बाद तक्षक भगवान शिव की शरण में रहने लगे। कहा जाता है कि तक्षक ने भगवान शिव से एकांत में रहने का वर मांगा था। इसी मान्यता के कारण नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल के अधिकांश समय बंद रखे जाते हैं। और नाग पंचमी के दिन भक्तों को नागराज तक्षक और भगवान शिव के दर्शन का अवसर मिलता है। लेकिन मंदिर के अंदर विराजमान प्रतिमा भी अपने आप में बेहद अद्भुत है। यहाँ भगवान शिव और माता पार्वती सात फनों वाले नाग के नीचे विराजमान हैं। यही स्वरूप इस मंदिर को दूसरे शिव मंदिरों से अलग बनाता है। मंदिर में स्थापित प्रतिमा को प्राचीन माना जाता है और इसे 11वीं शताब्दी से जोड़ा जाता है। सोचिए... साल के 365 दिनों में केवल एक दिन ऐसा आता है जब भक्त इस मंदिर के कपाट खुलते हुए देखते हैं। फिर कुछ ही समय बाद... कपाट दोबारा बंद हो जाते हैं। और अगली नाग पंचमी तक भक्तों को फिर एक साल इंतजार करना पड़ता है। यही वजह है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर को लेकर भक्तों के मन में एक अलग ही श्रद्धा और जिज्ञासा है। और इस बार तो यह दिन और भी खास है... क्योंकि 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के साथ सावन का सोमवार भी है। इसी दिन बाबा महाकाल की तीसरी सवारी भी उज्जैन की सड़कों पर निकलेगी। यानी आज उज्जैन में एक तरफ नागचंद्रेश्वर के कपाट खुलेंगे... और दूसरी तरफ बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह संयोग भक्तों के लिए बहुत विशेष माना जा रहा है। लेकिन एक बात याद रखना जरूरी है— नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार खुलने की परंपरा मंदिर और धार्मिक मान्यता से जुड़ी है। इसे किसी अलौकिक शक्ति का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं कहा जा सकता। फिर भी... एक ऐसा मंदिर, जिसके दर्शन के लिए पूरे साल इंतजार करना पड़े... और जिसके कपाट नाग पंचमी पर ही खुलें... उसके प्रति लोगों की जिज्ञासा होना स्वाभाविक है। आज जब नाग पंचमी के अवसर पर नागचंद्रेश्वर के कपाट खुलेंगे... तो लाखों श्रद्धालुओं की निगाहें महाकाल की तीसरी मंजिल पर विराजमान उस प्राचीन स्वरूप पर होंगी। और भक्त एक ही भावना से कहेंगे— 🙏 नागचंद्रेश्वर महादेव की जय! 🔱 हर हर महादेव! जय श्री महाकाल!🙏🔱

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 18, 2026

Jai Ho Baba Bhole Nath ki 🙏🔱 Suprabhat Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 18, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏

Pannalal panchal

Pannalal panchal

Aug 17, 2026

नागचंद्रेश्वर मंदिर की महिमा को बारम्बार प्रणाम

Pannalal panchal

Pannalal panchal

Aug 17, 2026

ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव