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*अग्निहोत्र - अग्नि, आहुतियों और जीवन ऊर्जा का विज्ञान 🔥* अग्निहोत्र केवल यज्ञ की एक विधि नहीं, यह सूर्य के उदय और अस्त के समय अग्नि में आहुति देकर वायु, जल और मन, तीनों को शुद्ध करने की वैदिक साधना है. गौ घृत, ताँबे के पात्र और विशिष्ट मंत्रों के साथ दी गई आहुति वातावरण में सूक्ष्म कणों का संतुलन बढ़ाती है. प्राचीन वैदिक ग्रंथ अग्नि को साक्षी देव कहते हैं, जो प्रसाद ऊपर ले जाए और आशीष धरती पर लौटा दे. अग्निहोत्र में धुएँ से वातावरण की शुद्धि, कीटाणुओं का नाश और नकारात्मक ऊर्जा का क्षय माना गया है. यह केवल पूजा नहीं बल्कि श्वास, चेतना और प्रकृति के साथ मनुष्य के जुड़ाव का प्रत्यक्ष अनुभव है. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

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