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Rama Devi Sahu

27 days ago

यह चित्र भगवान शिव द्वारा माता पार्वती की मांग में सिंदूर भरने के पावन क्षण को दर्शाता है, जो उनके विवाह और अटूट प्रेम का प्रतीक है।हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दृश्य से जुड़ी मुख्य पौराणिक कहानी इस प्रकार है:माता पार्वती की कठिन तपस्यापूर्वजन्म की कथा: माता पार्वती अपने पूर्वजन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं, जिन्होंने यज्ञ की अग्नि में आत्मदाह कर लिया था।दूसरा जन्म: उन्होंने अगला जन्म पर्वतराज हिमालय और माता मैना के घर पार्वती के रूप में लिया।कठोर तप: भगवान शिव को पुनः पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने हजारों वर्षों तक अन्न-जल त्यागकर अत्यंत कठिन तपस्या की, जिसके कारण उन्हें 'अपर्णा' नाम मिला।शिव-पार्वती विवाह और सिंदूरदानशिव जी की परीक्षा: माता पार्वती की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने पहले उनकी परीक्षा ली और अंततः उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया।महाविवाह: देवताओं और गणों की उपस्थिति में हिमालय पर्वत पर उनका भव्य विवाह संपन्न हुआ।सौभाग्य का प्रतीक: विवाह के दौरान भगवान शिव ने माता पार्वती की मांग में सिंदूर भरा। यह क्षण प्रकृति (पार्वती) और पुरुष (शिव) के मिलन का प्रतीक है, जिसे आज भी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए अपनाती हैं।

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 3, 2026

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Ratri Ji 🌹🌹

बरखा शर्मा

बरखा शर्मा

Aug 3, 2026

har har mahadev 🙏☘️🌺