
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
195 days ago
एक मूर्तिकार पत्थरों के बजाय बर्फ की मूर्तियाँ बनाता था। लोग कहते, "तुम पागल हो, धूप निकलते ही तुम्हारी मेहनत पानी बन जाएगी।" मूर्तिकार मुस्कुराकर बोला, "मैं अमर होने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को यह सिखाने के लिए बनाता हूँ कि जो सबसे खूबसूरत है, वह सबसे कम समय के लिए ठहरता है। इसलिए हर पल का आनंद लो।" *सीखः* जीवन की खूबसूरती उसकी उम्र में नहीं, उसके होने के अहसास में है।
Comments (6)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 16, 2026
बच्चे की सराहना करें sada swasth Kush raho कल्याण हो 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 16, 2026
मंगलमय मंगलवार छोटी धन्यवाद राम कृष्ण हरि बोल 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 16, 2026
sai kaha sirf jut , gamand khrod or lobh kapat jaha bhagwan nahi waha aap punchtio ho na itna Sara kese pata? bus dhyan esa katha dekh kar gyan badta Hai aapka koti dhanyawad mangalmay mangalwar ho aapka dhanyawaad 🙏🕉️tatsat

Saumya Sharma
Feb 16, 2026
हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 करता करे न कर सके, शिव करें सो होय 🙏, तीन लोक नौ खंड में, शिव से बड़ा न कोय 🙏🌹☺️बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 आप सदैव स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों के साथ हँसते मुस्कुराते रहें ☺️ इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Feb 16, 2026
संत नामदेव जी के जीवन से संबंधित बहुत ही सुन्दर कथा 👌👌👌 ठाकुर जी तो बस भाव के भूखे हैं 🙏🌹🙏

Rama Devi Sahu
Feb 16, 2026
Bahut hi Sundar Story 👌 Hamare Man me Eeise Bhav Hona Chahiye, Bhagwan Keval Mandir me Rahte hi nhi, Prati Kan kan me Rahte hai, Eeise Mehsus hona Chahiye... Jai Ho Pandharpur ki Baba Vitthal Ji ki 🙏🌹🌹
